जंगल के रास्ते 13 गौवंशों की तस्करी! पुलिस ने घेराबंदी कर दो तस्करों को दबोचा, तीसरा फरार…

- गौवंशों को बेरहमी से पीटते हुए ओडिशा ले जा रहे थे आरोपी, पुलिस ने छुड़ाए सभी 13 मवेशी; गिरफ्तार दोनों आरोपी पहुंचे जेल…
जशपुर। जिले में गौवंश तस्करी का खेल एक बार फिर सामने आया है। तस्कर जंगल के रास्तों को सुरक्षित ठिकाना समझकर गौवंशों को अवैध रूप से ओडिशा की ओर ले जा रहे थे, लेकिन जशपुर पुलिस की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। ऊपर कछार चौकी क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी कर 13 गौवंशों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया। मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि तीसरा आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने फरार आरोपी की पहचान कर ली है और उसकी तलाश तेज कर दी है।
सुबह छह बजे मिली सूचना, पुलिस ने बिछाया जाल – पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 6 नवंबर की सुबह करीब 6 बजे ऊपर कछार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि धवई टोली सिंगी बहार के तीन व्यक्ति बड़ी संख्या में गौवंशों को अवैध रूप से पैदल हांकते हुए ओडिशा की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल नामिनी आंगनबाड़ी ऊपर कछार चौक के पास घेराबंदी कर दी।
इसी दौरान पुलिस की नजर तीन संदिग्धों पर पड़ी, जो गौवंशों को बेरहमी से मारते-पीटते हुए तेजी से जंगल के रास्ते ले जा रहे थे। पुलिस को देखते ही आरोपियों में भगदड़ मच गई। दो आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए, जबकि तीसरा जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया।
पूछताछ में खुली पोल, नहीं दिखा सके वैध दस्तावेज – पकड़े गए आरोपियों की पहचान धनेश्वर यादव (40 वर्ष) और रविन्द्र राम (38 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम धवई टोली सिंगी बहार, चौकी ऊपर कछार, थाना तपकरा, जिला जशपुर के रूप में हुई है।
पुलिस ने जब आरोपियों से गौवंशों के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने सभी 13 गौवंशों को सकुशल बरामद कर लिया। पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उन्हें गौशाला भेज दिया गया।
तीसरे आरोपी की पहचान, पुलिस की तलाश जारी – मामले में पुलिस ने फरार आरोपी की भी पहचान कर ली है। उसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने और अपराध स्वीकार करने के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
ऑपरेशन शंखनाद के तहत पुलिस की सख्ती – जशपुर पुलिस द्वारा गौवंश तस्करी के विरुद्ध ऑपरेशन शंखनाद चलाया जा रहा है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में पुलिस मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ ग्रामीणों को भी जागरूक कर रही है।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट किया है कि गौवंश तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऊपर कछार क्षेत्र में 13 गौवंशों की बरामदगी और दो आरोपियों की गिरफ्तारी इसी अभियान के तहत की गई कार्रवाई है। ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी रहेगा।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका – पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी तपकरा निरीक्षक त्रिलोक प्रधान, चौकी प्रभारी ऊपर कछार प्रशिक्षु उप निरीक्षक देविका मंडावी, चौकी प्रभारी करडेगा प्रशिक्षु उप निरीक्षक राजकुमार सलाम, प्रधान आरक्षक अजय लकड़ा, सुधीर चंद्र तिग्गा, आरक्षक शिव कुमार महतो, सोनू सिंह एवं नगर सैनिक मुकेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




