इंस्टाग्राम की दोस्ती बनी काल! प्यार के जाल में फंसी 13 साल की बच्ची, रायगढ़ पुलिस ने डोंगरगढ़ से दबोचा शातिर दरिंदा…

महत्वपूर्ण बिंदु एक नजर में :
- घटनास्थल : रायगढ़ से डोंगरगढ़।
- मुख्य आरोपी : उत्तम रावत उर्फ रिशु रावत (18 वर्ष), निवासी भांठापारा, निपनिया।
- कार्रवाई : चंद दिनों में पुलिस ने ढूंढ निकाला; आरोपी गिरफ्तार और जेल रवाना।
- बढ़ाई गईं गंभीर धाराएं : अपहरण, दुष्कर्म (65(1) BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट।
रायगढ़। सोशल मीडिया की चमक-धमक और ऑनलाइन दोस्ती कितनी खतरनाक साबित हो सकती है, इसकी एक बानगी रायगढ़ में देखने को मिली है। रायगढ़ पुलिस ने ‘अभियान संवेदना’ के तहत त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के जाल में फंसी एक 13 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया है। साथ ही, बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने वाले शातिर आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
ऐसे बुना गया था जाल : इंस्टाग्राम से शुरू हुई कहानी – घटना की शुरुआत करीब 6 महीने पहले इंस्टाग्राम से हुई थी। सोशल मीडिया के जरिए 13 वर्षीय बालिका की पहचान उत्तम रावत उर्फ रिशु रावत (18 वर्ष) से हुई। धीरे-धीरे बातचीत का यह सिलसिला बढ़ता गया।
गत 19 अक्टूबर की रात आरोपी योजनाबद्ध तरीके से रायगढ़ पहुंचा। अगले दिन यानी 20 अक्टूबर की सुबह उसने बालिका को रेलवे स्टेशन के पास बुलाया और झांसे में लेकर ट्रेन से डोंगरगढ़ भगा ले गया।
पुलिस की भागदौड़ और चार दिनों का खेल खत्म : 21 अक्टूबर को जब बालिका के परिजनों को वह नहीं मिली, तो उन्होंने थाना सिटी कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई (अपराध क्रमांक 617/2026, धारा 137(2) बीएनएस)। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस सक्रिय हुई।
बालिका और आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे, जिससे पुलिस को तलाश में तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन कोतवाली पुलिस की साइबर सेल और टीम ने हार नहीं मानी। आखिरकार, 26 अक्टूबर को रायगढ़ लौटते ही पुलिस ने बालिका को अपनी गिरफ्त में ले लिया और उसे सुरक्षित बचा लिया।
बढ़ा दी गईं गंभीर धाराएं, आरोपी पहुंचा जेल : महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष जब बालिका के बयान दर्ज हुए, तो सनसनीखेज खुलासे हुए। बालिका ने बताया कि डोंगरगढ़ में आरोपी उसे अपने दोस्त के घर ले गया, जहां शादी का झूठा प्रलोभन देकर उसने चार दिनों तक उसे बंधक बनाए रखा और जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में त्वरित मेडिकल मु मुआयना कराया और प्रकरण में धारा 87, 65(1) BNS एवं 6 POCSO Act की गंभीर धाराएं जोड़ दीं। कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी उत्तम रावत को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी, उप निरीक्षक विजय एक्का और उनकी टीम की भूमिका बेहद सराहनीय रही।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह की दो टूक चेतावनी :
“गुम बालक-बालिकाओं की सकुशल बरामदगी और महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। माता-पिता से अपील है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर पैनी नजर रखें और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती के खतरों के प्रति उन्हें सतर्क करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, पुलिस हर समय आपकी सुरक्षा के लिए तत्पर है।”




