माफीनामे के बाद भी नहीं सुधरी फितरत : स्कूल में शिक्षिकाओं से बदसलूकी करने वाला व्याख्याता वीर सिंह सलाखों के पीछे…

रायगढ़। शिक्षा के मंदिर को अपनी ओछी हरकतों का अड्डा बनाने वाले एक व्याख्याता की करतूतों का आखिरकार अंत हो गया। सालभर पहले एक महिला शिक्षक से बदसलूकी कर लिखित माफी मांगकर बचने वाले गणित व्याख्याता वीर सिंह को पुलिस ने एक अन्य शिक्षिका के यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 75 और 79 के तहत गैर-जमानती धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
नोडल पद का रौब और मर्यादा तार-तार – पीड़िता के अनुसार, आरोपी गणित का व्याख्याता होने के साथ स्कूल में नोडल प्रभारी के पद पर तैनात था। इसी पद और रसूख की आड़ में वह महिला स्टाफ पर अनुचित दबाव बनाता था।
पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुख्य बिंदु:
- निजी प्रस्तावों का दबाव: अवकाश मांगने या किसी अन्य प्रशासनिक काम के बहाने आरोपी शिक्षिका को कार या ट्रेन से साथ चलने, घर छोड़ने और अपने घर आने के अवांछित प्रस्ताव देता था।
- अमर्यादित स्पर्श और घूरना: शासकीय फाइलों और दस्तावेजों के लेन-देन के दौरान गलत नीयत से हाथ छूने की कोशिश करता था।
- मानसिक प्रताड़ना: ड्यूटी निरीक्षण के बहाने खिड़की से ताक-झांक करना, असहज महसूस कराना और विरोध करने पर डेली डायरी झटककर फेंक देना उसकी नियमित कार्यप्रणाली बन चुकी थी।
लिखित माफी के बाद भी आदत से मजबूर – वीर सिंह की यह पहली हरकत नहीं थी। करीब एक साल पहले एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान उसने बच्चों और स्टाफ के सामने एक अन्य महिला शिक्षक पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। विवाद बढ़ने पर स्कूल प्रबंधन की बैठक में उसने लिखित माफी मांगकर खुद को बचाया था। हालांकि, उस माफीनामे के बाद भी उसकी नीयत में कोई सुधार नहीं आया।
13 अगस्त को पीड़िता की लिखित शिकायत मिलते ही कोतरारोड पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया और अगले ही दिन आरोपी को दबोचकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे सीधे जेल भेज दिया गया।




