रायगढ़

खाकी और कलम के नाम पर ‘खेल’ : पत्रकार ने डकारे महिला के 2 लाख रुपये, अब दे रहा है जान से मारने की धमकी!..

रायगढ़: समाज के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया की छवि को धूमिल करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ मीडिया एसोसिएशन के संभाग उपाध्यक्ष और स्वयंभू पत्रकार रवि गुप्ता पर एक बेबस ग्रामीण महिला के 2 लाख रुपये हड़पने और उसे धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। न्याय की आस में पीड़िता अब पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के चक्कर काट रही है।

क्या है पूरा मामला? – पीड़िता (निवासी: ग्राम कोड़केल, लैलूंगा) का उसके एक परिचित से विवाद चल रहा था, जिसे सुलझाने के लिए 5 लाख रुपये का समझौता तय हुआ था। इस बीच ‘मसीहा’ बनकर आए पत्रकार रवि गुप्ता ने महिला को 3 लाख रुपये तो दिलवाए, लेकिन बाकी के 2 लाख रुपये यह कहकर अपने पास रख लिए कि यह राशि ‘लोकल पत्रकारों और थाना प्रभारी घरघोड़ा’ को देनी पड़ेगी।

धोखाधड़ी का खुलासा और धमकी का दौर : ​जब महिला ने खुद स्थानीय पत्रकारों और थाने में संपर्क किया, तो सच्चाई जानकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि रवि गुप्ता ने पुलिस और मीडिया के नाम पर झूठ बोलकर पूरी रकम खुद डकार ली है।

  • झूठा आश्वासन : शिकायत होने पर आरोपी ने 4 दिन में पैसे लौटाने का वादा किया, जो आज तक पूरा नहीं हुआ।
  • पद का रसूख : अब आरोपी पत्रकार अपने पद की धौंस दिखाते हुए महिला को फोन पर प्रशासनिक दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी दे रहा है।
  • पीड़िता की गुहार : महिला का कहना है कि वह अनपढ़ और गरीब है, जिसका फायदा उठाकर यह ‘पढ़ा-लिखा’ पत्रकार अब उसे प्रताड़ित कर रहा है।

​”रवि गुप्ता ने मुझे पुलिस और अन्य पत्रकारों का डर दिखाकर मेरे पैसे छीन लिए। अब जब मैं अपने पैसे मांगती हूँ, तो वह मुझे धमकाता है। मुझे अपनी जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है।” — पीड़िता

प्रशासन पर टिकी निगाहें : पीड़िता ने 22 अप्रैल 2026 को रायगढ़ SP कार्यालय में लिखित आवेदन देकर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। आवेदन की प्रतियां गृह मंत्रालय और बिलासपुर संभाग को भी भेजी गई हैं।

बड़ा सवाल : क्या प्रशासन ऐसे भ्रष्ट तत्वों पर नकेल कसेगा जो पुलिस और पत्रकारिता जैसे पवित्र पेशे का नाम बदनाम कर गरीबों का खून चूस रहे हैं? या रसूखदार पत्रकार अपनी धौंस के दम पर बच निकलेगा?

नोट : यह खबर पूरी तरह से प्राप्त दस्तावेजों और वीडियो साक्ष्यों पर आधारित है। पीड़िता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसका नाम गोपनीय रखा जा सकता है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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