बालोद

भोथली के ग्रामीणों को 30 दिन का राजमिस्त्री प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता की नई राह पर ग्रामीण

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। जिले के गुरूर विकासखंड की ग्राम पंचायत भोथली में 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। इस कार्यक्रम में कुल 43 ग्रामीण और मजदूर भाग ले रहे हैं, जिन्हें राजमिस्त्री के व्यावहारिक और तकनीकी ज्ञान से लैस किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नाप-जोख, ईंट चिनाई, प्लास्टरिंग, फ्लोरिंग, लेवलिंग और भवन निर्माण की आधुनिक तकनीकों की पूरी जानकारी दी जा रही है।

इस पहल के पीछे जिले की कलेक्टर, श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा का विशेष मार्गदर्शन है, जिनके कुशल नेतृत्व में जिला प्रशासन और ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान ने इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर मिश्रा का दृढ़ संकल्प है कि ग्रामीणों और मजदूरों को आत्मनिर्भर बनाकर क्षेत्र में स्थायी रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं। उनकी देखरेख में यह प्रशिक्षण न केवल प्रतिभागियों को कुशल राजमिस्त्री बनाता है, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य विकास कार्यों में भी उनका योगदान सुनिश्चित करता है।

सीईओ जिला पंचायत बालोद, सुनील कुमार चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम ग्रामीणों के कौशल विकास और स्थानीय आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। प्रशिक्षार्थी इस प्रशिक्षण के बाद श्रमिकों से बढ़कर कुशल मिस्त्री बन जाएंगे, जो अपने गांव में ही निर्माण कार्य कर रोजगार तथा सम्मान दोनों पाएंगे।

यह राज्य सरकार की ग्रामीण उत्थान और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निरंतर जारी प्रयासों की मिसाल है, जहां उच्च स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही हैं।

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