ओला कंपनी की ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी, राजहरा में दुकान पर ताला और ग्राहको में असंतोष व्याप्त

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद/राजहरा। ओला इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री के बीच देशभर के ग्राहकों की बढ़ती नाराज़गी भी सामने आ रही है। तकनीकी खामियों और खराब ग्राहक सेवा से परेशान उपभोक्ता अब आवाज़ उठा रहे हैं, जबकि कई जगह कंपनी के सर्विस सेंटर तक बंद पड़े हैं। ऐसे हालात में ओला की विश्वसनीयता और ग्राहक संतुष्टि पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जिले के दल्ली राजहरा स्थित चिखलाकसा नगर पंचायत के मथुरा नगर के वार्ड 11 के रहने वाले योगेश कुमार बोकडे ने हमारे प्रतिनिधि को बताया कि उन्होंने लगभग छह महीने पहले 1,02,281 रुपये की कीमत में ओला कंपनी की एक इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदी थी। शुरुआती दिनों में उन्हें लगता था कि ओला की इलेक्ट्रिक गाड़ी तकनीकी रूप से भरोसेमंद और सुविधाजनक होगी, लेकिन जल्द ही उनकी उम्मीदें ध्वस्त हो गईं।
राजहरा के बस स्टैंड के पास स्थित ओला की दुकान से खुली थी, जहां कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटर बिक्री के लिए रखे थे। लेकिन कुछ ही महीनों में इस शोरूम के शटर पर ताला लग गया और दुकान बंद हो गई। इस घटना से साफ पता चलता है कि ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों को वाहन तो बेचे लेकिन उनसे जुड़े बाद की मेंटेनेंस और मरम्मत की जिम्मेदारी से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया है।
वहीं ग्राहक जब सेवा केंद्र पर संपर्क करते हैं, तो कंपनी के नंबर भी बंद मिलते हैं या उनसे दूर-दराज के राजनांदगांव और दुर्ग के सर्विस सेंटर में गाड़ी ले जाने की बात कही जाती है, जिससे ग्राहकों को भारी असंतोष है।
योगेश कुमार बोकडे सहित शहर के कई ग्राहक ओला की इलेक्ट्रिक स्कूटर से परेशान हैं। उनका कहना है कि खरीद के बाद गाड़ियों में तकनीकी दिक्कतें आईं, लेकिन सेवा सुविधा नदारद मिल रही है। ओला कंपनी के वारंटी और सपोर्ट सिस्टम पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतों के बावजूद ग्राहकों को संतोषजनक समाधान नहीं मिल रहा है।
योगेश कुमार बोकडे ने बताया कि दिनांक दिनांक 22 जनवरी 2025 को राजहरा स्थित ओला कंपनी के शोरूम से उन्होंने ओला की इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदी थी। जिनकी ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर का नंबर सीजी 24 वी 8542 है, जो मार्केट में बिक्री के बाद अब सेवा सुविधा से वंचित है। यह स्थिति कंपनी की गैर-जिम्मेदार और ग्राहक विरोधी नीति को उजागर करती है, जो इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में ग्राहकों को ठगने जैसी छवि बनाती है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ओला जैसी बड़ी कंपनी केवल बिक्री पर ध्यान देती है और ग्राहक सेवा की मूलभूत जरूरतों को नजरअंदाज कर रही है? इस लापरवाही से न केवल ग्राहकों का भरोसा टूट रहा है, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की प्रतिष्ठा भी प्रभावित हो रही है।
ग्राहक मांग कर रहे हैं कि ओला कंपनी तुरंत अपने बंद सेवा केंद्रों को सक्रिय करे और ठीक प्रकार से मेंटेनेंस व सपोर्ट की सुविधा मुहैया कराए, ताकि उपभोक्ता सुविधा व भरोसेमंद सेवा का अनुभव कर सकें। वहीं हमने कंपनी के नंबर पर संपर्क साधा तो कोई उत्तर नहीं मिला। क्या ओला अपने ग्राहकों के साथ यह अन्याय रोक पाएगी? समय ही बताएगा।

देश के कई इलाकों में ओला कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों में भारी असंतोष नजर आ रहा है। वजह है उनके वाहनों की तकनीकी खामियां और ग्राहक सेवा की बुरी हालात।
- केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने पिछले एक साल में ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ 10,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की हैं।
- प्रमुख शिकायतों में गाड़ियों की खराब चार्जिंग, वारंटी अवधि में सेवाओं का विलंब या अस्वीकृति, बार-बार वापसी खामियां और विज्ञापित दावे से नीचे परफॉर्मेंस शामिल हैं।
- ग्राहक अक्सर कॉल सेंटर से संपर्क नहीं कर पाते या उत्तर नहीं मिलता, जिससे मदद लेना कठिन हो जाता है।
- मुंबई, बेंगलुरु, नागपुर, रायपुर और अन्य बड़े शहरों के सर्विस सेंटर अत्यधिक भीड़ वाले हैं, कई वाहन दिन-रात खराब पड़े रहते हैं।
- एक ग्राहक ने बताया कि उसने अपनी स्कूटर 8 बार सर्विस सेंटर ले जाकर भी समस्या का समाधान नहीं पाया, वहीं कई बार मरम्मत के बाद भी स्कूटर सामान्य से आधे से कम रेंज देती है।
- ग्राहकों की शिकायतों और सोशल मीडिया विरोध के चलते सरकार ने कंपनी को नोटिस भेजा है और जांच शुरू की है।
- ग्राहक सेवा की स्थिति इतनी खराब है कि कर्नाटक में एक व्यक्ति ने खराब सेवा से दुखी होकर ओला शोरूम में आग लगा दी।
- कंपनी के सीईओ हालांकि शिकायतों को “छोटी-मोटी समस्याओं” का नतीजा बताते हैं, लेकिन उपभोक्ता और सरकारी संस्थान इसे गंभीर मान रहे हैं।
इस सबका असर यह हुआ है कि ओला इलेक्ट्रिक की मार्केट वैल्यू में भी भारी गिरावट आई है। ऐसे में देश के विभिन्न हिस्सों में हजारों ग्राहक कम्पनी की खराब सेवा से तंग हैं और समाधान की उम्मीद जता रहे हैं।