विशेष रिपोर्ट : सरगुजा में ‘साहब’ का भ्रष्टाचार का किला ढहा, ACB की रेड से महकमे में हड़कंप…

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐसी कार्रवाई हुई है जिसने सरकारी गलियारों में खलबली मचा दी है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की संयुक्त टीम ने अंबिकापुर के विकासखंड कृषि विकास अधिकारी और बीज निरीक्षक सोहन लाल भगत को उस समय दबोच लिया, जब वह अपने पद की गरिमा को ताक पर रखकर एक लाख रुपए की रिश्वत अपनी जेब में डाल रहा था।
भय का व्यापार : बीज भंडारण बना उगाही का जरिया – घटना की जड़ें सूरजपुर जिले के प्रतापपुर निवासी अजीत कुमार कश्यप की शिकायत में छिपी हैं। अजीत, हैदराबाद स्थित ‘साईं भव्या सीड्स’ नामक कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर हैं। कंपनी का काम धान और मक्का के उन्नत बीजों की आपूर्ति करना है। नियमतः, अगस्त के सीजन के बाद जो बीज नहीं बिक पाए, उन्हें वापस भेजने के लिए अंबिकापुर के दरिमा रोड स्थित मां महामाया कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया था।
लेकिन, आरोपी अधिकारी सोहन लाल भगत की मंशा कुछ और ही थी। उसने नियमानुसार रखे गए इन बीजों को ‘अवैध भंडारण’ का रूप देकर प्रार्थी को जेल भेजने और कंपनी पर भारी जुर्माना लगवाने की धमकी दी।
3 लाख की डिमांड : ‘कार्रवाई रुकवानी है तो दाम चुकाना होगा’ – आरोप है कि अधिकारी ने प्रार्थी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और साफ़ लफ़्ज़ों में कहा कि यदि वह इस कथित ‘अवैध केस’ से बचना चाहता है, तो उसे 3 लाख रुपए की रिश्वत देनी होगी। प्रार्थी अजीत कश्यप भ्रष्टाचार के आगे झुकने को तैयार नहीं थे। उन्होंने हिम्मत दिखाई और रायपुर स्थित एसीबी-ईओडब्ल्यू कार्यालय में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
12 अप्रैल : वह दोपहर जब बिछाया गया ‘ट्रैप’ – शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक :
- पहली किश्त का सौदा : 3 लाख की कुल रकम में से पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपए देना तय हुआ।
- रंगे हाथों गिरफ्तारी : 12 अप्रैल को जैसे ही अजीत कुमार कश्यप ने केमिकल युक्त नोटों की गड्डी सोहन लाल भगत को सौंपी, सादे कपड़ों में तैनात एसीबी की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
- पुख्ता प्रमाण : पकड़े जाने के बाद जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो घोल का रंग गुलाबी हो गया, जो इस बात का वैज्ञानिक प्रमाण था कि उसने रिश्वत के नोट छुए हैं।
प्रशासनिक संदेश : ‘भ्रष्टाचारियों की खैर नहीं’ – इस कार्रवाई के बाद एसीबी के अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कुर्सी पर बैठकर जनता या व्यापारियों को डराने वाले अधिकारियों के दिन अब लद चुके हैं। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी स्तर पर रिश्वत न दें।
सोहन लाल भगत की गिरफ्तारी केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि उन तमाम भ्रष्ट चेहरों के लिए चेतावनी है जो अपनी शक्तियों का दुरुपयोग अवैध वसूली के लिए करते हैं। फिलहाल आरोपी से सघन पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस अवैध उगाही के खेल में विभाग के कुछ और लोग भी शामिल थे।




