बड़ी कार्रवाई : रायगढ़ में कृषि विभाग का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 14 टन खाद जब्त; बिचौलियों में हड़कंप…

रायगढ़। जिले में खाद की कालाबाजारी और अनियमितता करने वाले व्यापारियों पर कलेक्टर के निर्देश के बाद कृषि विभाग ने कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार को जिला निगरानी दल ने पुसौर और रायगढ़ विकासखंड में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए 14.225 टन अवैध उर्वरक जब्त किया है। इस कार्रवाई से जिले के खाद विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
छापेमारी का विवरण: कहाँ क्या मिला? – जांच दल ने पुसौर में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी है, जहाँ स्टॉक और पीओएस (POS) मशीन के आंकड़ों में जमीन-आसमान का अंतर मिला :
- प्रधान ट्रेडर्स, पुसौर: बिना किसी रिकॉर्ड के रखा 5 टन सिंगल सुपर फास्फेट जब्त।
- अग्रवाल खाद भंडार, पुसौर: यहाँ से 9.225 टन नीम लेपित यूरिया पकड़ा गया, जिसका पीओएस स्टॉक में कोई विवरण नहीं था।
कृषि विभाग ने कुल 14.225 टन उर्वरक को कब्जे में लेकर मामले को कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी कर ली है।
लापरवाहों पर गिरी गाज : 4 केंद्रों को नोटिस :- सिर्फ जब्ती ही नहीं, बल्कि रिकॉर्ड में हेरफेर करने वालों को भी विभाग ने आड़े हाथों लिया है :
- रायगढ़ ब्लॉक : शंकर ट्रेडिंग कंपनी (कोतरा) और सेवा सहकारी समिति (बायंग) को दस्तावेज अधूरे पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस थमाया गया है।
- घरघोड़ा क्षेत्र : महामाया जनरल स्टोर और अग्रवाल खाद भंडार में भौतिक स्टॉक और मशीन के आंकड़ों में गड़बड़ी मिलने पर जवाब तलब किया गया है।
अधिकारियों की कड़ी चेतावनी : उप संचालक कृषि श्री अनिल वर्मा ने साफ लहजे में कहा है कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले किसी भी विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
“यदि पीओएस मशीन और गोदाम के स्टॉक में एक बोरी का भी अंतर मिला, तो तत्काल कठोर कार्रवाई करें। हमारा लक्ष्य किसानों को सही दाम पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना है।”
टीम में शामिल रहे : इस कार्रवाई को सहायक संचालक कृषि श्री हिन्द कुमार भगत, उर्वरक निरीक्षक श्री नृपराज डनसेना, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री रोहित पटेल एवं उर्वरक निरीक्षक श्रीमती मनीषा राठौर ने अंजाम दिया।
मुख्य बिंदु जो सुर्खियां बनेंगे :
- बिना POS स्टॉक के खपाया जा रहा था यूरिया।
- कलेक्टर के कड़े तेवर: अब सीधे कोर्ट में होगी खाद माफियाओं की पेशी।
- दस्तावेज अधूरे रखने वाली सोसायटियों पर भी गिरी गाज।




