मंगलसूत्र बना ‘मौत का फंदा’ : लिव-इन पार्टनर ने ही घोंटा धनेश्वरी का गला, रायगढ़ पुलिस का बड़ा खुलासा…

रायगढ़। प्यार, तकरार और फिर खौफनाक अंत! किरोड़ीमलनगर में चार साल से पति-पत्नी की तरह रह रहे एक जोड़े के रिश्ते का अंत रूह कंपा देने वाली हत्या से हुआ। जिस मंगलसूत्र को सुहाग और विश्वास की निशानी माना जाता है, उसी मंगलसूत्र से गला घोंटकर विकेश बरेठ ने अपनी लिव-इन पार्टनर धनेश्वरी विश्वकर्मा (32 वर्ष) को मौत के घाट उतार दिया। कोतरारोड़ पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
अस्पताल की सूचना से खुला राज – घटना 1 अप्रैल की है, जब धनेश्वरी को मृत अवस्था में जिंदल अस्पताल लाया गया था। प्रथम दृष्टया मामला बीमारी से मौत का लग रहा था, लेकिन एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जब शव का पोस्टमार्टम हुआ, तो डॉक्टर की रिपोर्ट ने पुलिस के कान खड़े कर दिए। रिपोर्ट में साफ लिखा था— “होमीसाइडल” (हत्या)। मौत की वजह बीमारी नहीं, बल्कि गले पर भारी दबाव से दम घुटना था।
झगड़ा, थप्पड़ और फिर कत्ल की खौफनाक साजिश – पुलिस जांच में पता चला कि मृतिका धनेश्वरी अपने पहले पति को छोड़कर पिछले 4 साल से आरोपी विकेश बरेठ के साथ रह रही थी। उनके बीच अक्सर विवाद होता था।
- वजह 1 : धनेश्वरी का उसके पहले पति से तलाक नहीं हो पा रहा था, जिससे वे शादी नहीं कर पा रहे थे।
- वजह 2 : धनेश्वरी की बीमारी और दवाई न खाना।
- वजह 3 (तात्कालिक) : घटना के दिन नानी के घर आने पर खाना समय पर न बनना।
विवाद इतना बढ़ा कि विकेश ने धनेश्वरी को थप्पड़ जड़ दिया। जब धनेश्वरी ने घर छोड़कर जाने की बात कही, तो आक्रोश में आकर विकेश ने उसके गले में पहने मंगलसूत्र को पीछे से इतनी जोर से खींचा कि वह बेहोश होकर गिर पड़ी और मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं।
पुलिस की सख्त कार्रवाई – आरोपी ने पहले तो इसे बीमारी का रूप देकर साक्ष्य छिपाने की कोशिश की, लेकिन प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी की कड़ाई से पूछताछ के आगे वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। कोतरारोड़ पुलिस ने आरोपी विकेश कुमार बरेठ (26 वर्ष) के खिलाफ BNS की धारा 103(1) (हत्या) और 238 (साक्ष्य छिपाना) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
“गंभीर अपराधों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाना हमारी प्राथमिकता है। पुलिस ठोस साक्ष्यों के साथ न्यायालय में मजबूत चालान पेश करेगी ताकि पीड़िता को न्याय मिले।”
शशि मोहन सिंह (SSP, रायगढ़)
टीम की सफलता : इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी, एएसआई मनमोहन बैरागी, प्रधान आरक्षक श्याम देव साहू और आरक्षक चन्द्रेश पाण्डेय सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही।




