सूरजपुर में खूनी संघर्ष : SECL मैनेजर पर जानलेवा पथराव, सड़क निर्माण के विरोध में उग्र हुए ग्रामीण…

सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ विकास और अधिकार की जंग ने हिंसक रूप ले लिया है। जिले के अमगांव SECL क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पटना में सड़क निर्माण का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने सब एरिया मैनेजर विजय कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में मैनेजर के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
विवाद की जड़: ‘नौकरी बनाम निर्माण’ – मिली जानकारी के अनुसार, SECL प्रबंधन द्वारा ग्राम पटना में सड़क निर्माण का कार्य शुरू कराया जा रहा था। जैसे ही निर्माण कार्य की मशीनें और टीम मौके पर पहुँची, ग्रामीण लामबंद हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि SECL प्रबंधन उनकी जमीनें और संसाधन तो इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों को नौकरी देने के वादे को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
ग्रामीणों का स्पष्ट रुख था: “जब तक नौकरी की मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक एक इंच सड़क भी नहीं बनने दी जाएगी।”
बहस से लेकर ‘खूनी पत्थरबाजी’ तक का घटनाक्रम – मौके पर मौजूद सब एरिया मैनेजर विजय कुमार और अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। अधिकारियों का कहना था कि प्रशासनिक स्तर पर सभी कागजी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और यह निर्माण कार्य जनहित में है।
लेकिन संवाद की यह कोशिश नाकाम रही। अधिकारियों की दो टूक बात सुनकर ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। देखते ही देखते शांतिपूर्ण प्रदर्शन उग्र उपद्रव में तब्दील हो गया। भीड़ ने चारों तरफ से पथराव शुरू कर दिया। इस अचानक हुए हमले में विजय कुमार संभल नहीं पाए और पत्थरों की सीधी चोट लगने से लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े।
विश्रामपुर अस्पताल में उपचार जारी – सहकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने बमुश्किल मैनेजर को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल विश्रामपुर SECL अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, मैनेजर की हालत स्थिर है लेकिन चोटें काफी गहरी हैं। अस्पताल परिसर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पुलिस की कार्रवाई : उपद्रवियों की पहचान शुरू – घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात और चिन्हित ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
- सीसीटीवी और वीडियो फुटेज : पुलिस घटना के समय बनाए गए मोबाइल वीडियो और अन्य फुटेज के आधार पर पत्थरबाजों की पहचान कर रही है।
- तनावपूर्ण शांति : फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
प्रबंधन का पक्ष – SECL के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि नियमों के दायरे में रहकर सभी मांगों पर विचार किया जाता है, लेकिन कार्यस्थल पर अधिकारियों पर हमला करना स्वीकार्य नहीं है। इस हमले से विकास कार्यों में बाधा आएगी और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ेंगी।
बड़ा सवाल : क्या स्थानीय लोगों की जायज मांगों को अनसुना करना प्रबंधन की चूक है, या फिर अपनी मांगों के लिए हिंसा का रास्ता चुनना ग्रामीणों की बड़ी गलती? फिलहाल पुलिस की जांच और आगामी गिरफ्तारियों पर सबकी नजरें टिकी हैं।




