कब्र से निकला हाथ… और खुल गया ‘जिंदा दफन’ का खूनी राज!…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया गया है, जिसने मानवीय क्रूरता की सारी हदें पार कर दी हैं। यह सिर्फ एक मर्डर नहीं, बल्कि रूह को कपा देने वाला वो मंजर है जिसे सुनकर पत्थर दिल भी पसीज जाए। एक युवक, जिसकी सांसें चल रही थीं, उसे ठंडे खून से जमीन के 4 फीट नीचे जिंदा दफन कर दिया गया।
प्रेम, सनक और खूनी साजिश – इस खौफनाक खेल की शुरुआत हुई इश्क और ईर्ष्या से। आरोपी श्याम सुंदर सोनी की प्रेमिका सावित्री साहू को मृतक नितेश बत्रा कथित तौर पर परेशान करता था। 16 मार्च की काली रात को जब नितेश सावित्री के घर पहुंचा, तो वहां पहले से घात लगाकर बैठे श्याम सुंदर का गुस्सा ज्वालामुखी बनकर फटा।
श्याम ने अपने दो गुर्गों को बुलाया और नितेश पर लाठियों की बरसात कर दी। सिर पर हुए जोरदार प्रहार ने नितेश को अधमरा कर दिया। खून से लथपथ नितेश जमीन पर गिरा, तो आरोपियों को लगा कि उसका काम तमाम हो गया है। लेकिन असली क्रूरता तो अभी शुरू होनी थी।
‘मौत का ऑटो’ और 40 किलोमीटर का सफर – आरोपियों ने नितेश को एक ऑटो में लादा और उसे ठिकाने लगाने के लिए निकल पड़े। हैरानी की बात यह है कि अपराधी 40 किलोमीटर तक शहर की सड़कों पर ‘अधमरी लाश’ लेकर घूमते रहे।
- मुजगहन, माना, टिकरापारा और अभनपुर – इन 4 थानों की पुलिस अपनी गश्त के दावे करती रही।
- इधर, हत्यारे पुलिस की नाक के नीचे से बेखौफ गुजर गए।
- रास्ते में साक्ष्यों को मिटाने के लिए नितेश की स्कूटी को एक पुलिया के नीचे फेंक दिया गया।
‘जिंदा दफन’ : जब फेफड़ों में समा गई मिट्टी – अभनपुर के भरेंगाभाटा की सुनसान मुरूम खदान में रात के सन्नाटे के बीच गड्ढा खोदा गया। नितेश की देह में अभी भी जान बाकी थी। बेरहम कातिलों ने उसे उसी हालत में गड्ढे में धकेला और ऊपर से मिट्टी डाल दी।
पीएम रिपोर्ट का दहला देने वाला सच : डॉक्टरों के मुताबिक, नितेश की मौत सिर की चोट से नहीं हुई थी। जब उसे दफनाया गया, तब वह सांसें ले रहा था। मिट्टी पड़ते ही नितेश ने बचने की छटपटाहट में गहरी सांस ली, जिससे गीली मिट्टी उसकी सांस नली और फेफड़ों के भीतर तक धंस गई। घुटती हुई सांसों और मिट्टी के बोझ के बीच नितेश ने दम तोड़ दिया।
पांच दिन बाद ‘मिट्टी’ ने उगला राज : वारदात के पांच दिन बाद 21 मार्च को कुदरत ने इस पाप का घड़ा फोड़ दिया। दफन की गई जगह से नितेश का एक हाथ और पैर जमीन के बाहर दिखाई देने लगा। ग्रामीणों की सूचना पर जब पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुदाई करवाई, तो भीतर से जो निकला उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए।
पुलिसिया कार्रवाई : 5 गिरफ्तार, 1 अब भी फरार – रायपुर ग्रामीण की SP श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस ने घेराबंदी कर 5 दरिंदों को दबोच लिया है :
- गिरफ्तार : श्याम सुंदर सोनी (मास्टरमाइंड), सावित्री साहू (प्रेमिका), सुमित कोसले और 2 विधि विरुद्ध बालक।
- फरार : माइकल सैनी (जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है)।
बड़ा सवाल : मृतक नितेश बत्रा पाकिस्तानी मूल का था और उसे भारतीय नागरिकता का इंतजार था। क्या एक विदेशी नागरिक की सुरक्षा में हुई यह चूक और 4 थानों के बीच से अपराधियों का निकल जाना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा दाग नहीं है?
आज की सबसे बड़ी सीख : यह घटना चीख-चीख कर कह रही है कि कानून का खौफ खत्म हो रहा है और बदले की आग इंसान को हैवान बना रही है।




