रायगढ़

ब्रेकिंग घरघोड़ा : रायगढ़ के ‘सफेद जहर’ कांड में बड़ा खुलासा! पटवारी और सचिव की मिलीभगत से सरकारी जमीन पर सरडा एनर्जी का कब्जा?…

रायगढ़। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा क्षेत्र में फ्लाई ऐश (राख) के अवैध डंपिंग का मामला अब एक बड़े प्रशासनिक घोटाले में तब्दील हो गया है। नवापारा (PHN-18) की जिस सरकारी जमीन को बचाने की जिम्मेदारी सरकारी तंत्र की थी, उसी जमीन को ‘राख माफियाओं’ के हवाले करने में खुद विभाग के कारिंदों के शामिल होने का सनसनीखेज आरोप लगा है।

सीधे निशाने पर पटवारी और सचिव: रक्षक ही बने भक्षक? – भाजपा युवा मंडल अध्यक्ष और वार्ड पार्षद भोलू उरांव द्वारा नायब तहसीलदार को सौंपे गए शिकायत पत्र ने हड़कंप मचा दिया है। पत्र में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि:

  • हल्का पटवारी लोकेश्वर पैंकरा और ग्राम पंचायत सचिव की इस पूरे अवैध खेल में सीधी मिलीभगत है।
  • ​आरोप है कि ये कर्मचारी उच्च अधिकारियों को गुमराह करने के लिए गलत जानकारी भेज रहे हैं, ताकि सरडा एनर्जी की अवैध डंपिंग बिना किसी रुकावट के चलती रहे।
  • खसरा क्रमांक 311/1 की सरकारी जमीन को उद्योग के कचरा डंपिंग यार्ड में तब्दील कर दिया गया है।

तीखे सवाल: आखिर किसका है संरक्षण?

  • साहब, क्या फाइलें राख के नीचे दब गई हैं? जब रसूखदार कंपनियां नियमों की धज्जियां उड़ाती हैं, तो पटवारी को ‘शासकीय भूमि’ का अतिक्रमण क्यों नहीं दिखता?
  • मिलीभगत का रेट क्या है? शिकायत में साफ कहा गया है कि अधिकारी गुमराह किए जा रहे हैं। क्या यह सब बिना किसी ‘लेन-देन’ के मुमकिन है?
  • जनता के फेफड़ों से खिलवाड़ : प्रदूषण से आम जनजीवन बेहाल है, लेकिन पटवारी और सचिव की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

अब होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ या फिर लीपापोती? – शिकायतकर्ता भोलू उरांव ने दोटूक मांग की है कि केवल काम रोकना समाधान नहीं है, बल्कि पटवारी लोकेश्वर पैंकरा और संबंधित सचिव के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक और विधि सम्मत कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही सरडा एनर्जी प्रबंधन और ट्रांसपोर्टरों पर ‘पर्यावरण संरक्षण अधिनियम’ के तहत FIR दर्ज हो।

“सरकारी जमीन किसी की बपौती नहीं है। अगर पटवारी और सचिव मिलकर शासन की जमीन को राख से पटवा रहे हैं, तो उन्हें पद पर रहने का कोई हक नहीं है। हम इस भ्रष्टाचार के खिलाफ अंतिम सांस तक लड़ेंगे।” – भोलू उरांव (पार्षद व मंडल अध्यक्ष)

नतीजा क्या होगा? – पूरा नवापारा क्षेत्र अब इस जहरीली राख की चपेट में है। आवागमन ठप है, सांस लेना दूभर है और खेत बंजर हो रहे हैं। अब देखना यह है कि नायब तहसीलदार घरघोड़ा अपने विभाग के ‘भ्रष्ट’ कर्मचारियों को बचाते हैं या फिर क्षेत्र की जनता को इस प्रदूषण और भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाते हैं।

प्रशासन की चुप्पी माफियाओं की ताकत है। अब साहब कार्रवाई का वक्त है!

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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