छात्रावास अधीक्षक पर बच्चों से मारपीट और दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप, अभिभावकों में सनसनी

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद/राजहरा। जिले के नगर पंचायत चिखलाकसा स्थित प्री‑मैट्रिक छात्रावास से एक चौंकाने वाला बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। छात्रावास अधीक्षक शुभम साखरे पर बार‑बार मारपीट, गला दबाने और अश्लील गालियां देने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना की चपेट में आए बच्चे भयभीत बताए जा रहे हैं, जिससे छात्रावास का माहौल डर और असुरक्षा का शिकार हो गया। प्रशासन और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्यवाही शुरू कर दी है।

छात्रावास में रहने वाले बच्चों का आरोप है कि अधीक्षक शुभम साखरे बार‑बार उन्हें धक्का‑मुक्की और मारपीट करते हैं, गला दबाकर धमकाते हैं और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह के लगातार दुर्व्यवहार के कारण बच्चे सहमे हुए रहने लगे थे और छात्रावास का वातावरण उनके लिए डरावना बन गया। बताया जा रहा है कि एक बच्चे का गला दबाने की घटना के बाद वह डरकर छात्रावास से भाग गया, जिसके बाद यह पूरा मामला उजागर हुआ। दो दिनों तक लापता रहने से अन्य छात्रों में भी भय और असुरक्षा का माहौल फैल गया।

घटना के संबंध में वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्रावास अधीक्षक को आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते हुए साफ‑साफ सुना जा सकता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला और गंभीर हो गया और प्रशासन पर त्वरित कार्यवाही को लेकर दबाव बढ़ गया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने तुरंत जांच के निर्देश देते हुए आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को छात्रावास पर भेजा, जहां टीम ने बच्चों से बातचीत कर स्थिति का आकलन किया। साथ ही घटना की शिकायत दल्ली राजहरा थाने में दर्ज की गई, जिसके बाद पुलिस ने छात्रावास अधीक्षक शुभम साखरे को हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू कर दी है।
खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक छात्रावास पहुंच गए और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई। वे आरोपी अधीक्षक के खिलाफ सख्त कार्यवाही व दीर्घकालिक निगरानी की मांग पर अड़े हुए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिलना चाहिए, न कि शारीरिक व मानसिक दुर्व्यवहार का डर। प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन प्रणालीगत व्यवस्था पर अब सवाल उठ रहे हैं।




