खाकी शर्मसार : लावारिस मासूम को दुत्कारने वाली महिला थाना प्रभारी सस्पेंड, SP अंकिता शर्मा का बड़ा एक्शन…

राजनांदगांव। ममता और संवेदनशीलता की उम्मीद जहां सबसे ज्यादा होती है, वहीं से जब दुत्कार मिले तो न्याय व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। राजनांदगांव जिले में खाकी को शर्मसार करने वाला एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक डेढ़ साल की लावारिस बच्ची को मदद देने के बजाय महिला थाना प्रभारी ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इस गंभीर लापरवाही पर पुलिस अधीक्षक (SP) अंकिता शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए महिला थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

क्या है पूरा मामला? – बीती 12 मार्च को दो जागरूक नागरिक सड़क पर लावारिस हालत में मिली एक डेढ़ साल की मासूम बच्ची को लेकर महिला थाना पहुंचे थे। बच्ची के माता-पिता का कोई पता नहीं था। नियमतः थाना प्रभारी को तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों को देकर वैधानिक कार्रवाई शुरू करनी थी।
लापरवाही की हद : ‘हेल्पलाइन पर फोन करो’ कहकर लौटाया – हैरानी की बात यह है कि महिला थाना प्रभारी श्रीमती गीतांजलि सिन्हा ने मासूम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय आवेदकों को खुद ही ‘डायल-112’ और ‘चाइल्ड हेल्पलाइन 1098’ पर फोन करने की सलाह दे डाली। उन्होंने न तो मामले को गंभीरता से लिया और न ही उच्च अधिकारियों को सूचित किया। ड्यूटी के प्रति इस संवेदनहीन और उदासीन रवैये ने पुलिस विभाग की छवि पर गहरा धक्का लगाया।
SP का सख्त चाबुक : तत्काल सस्पेंशन – मामले की जानकारी मिलते ही SP अंकिता शर्मा ने कड़ा आदेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि थाना प्रभारी ने अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरती है।
- निलंबन: उप निरीक्षक गीतांजलि सिन्हा को तत्काल निलंबित कर रक्षित केंद्र (लाइन) संबद्ध कर दिया गया है।
- जांच के आदेश: नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज को प्रकरण की प्राथमिक जांच कर 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
- कड़ी शर्तें: निलंबन अवधि के दौरान वे बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी और उन्हें तीनों समय की गणना (हाजिरी) में उपस्थित रहना होगा।
बड़ा संदेश : लापरवाही बर्दाश्त नहीं – पुलिस महकमे में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। SP अंकिता शर्मा के इस ‘क्विक एक्शन’ ने साफ कर दिया है कि जनता की मदद में कोताही और विशेषकर बच्चों व महिलाओं से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

