रायगढ़ में रेत माफिया पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: 4 दिनों में 23 गाड़ियां जब्त, कलेक्ट्रेट से थानों तक मची खलबली…

रायगढ़। जिले में अवैध खनन और परिवहन करने वाले सिंडिकेट के खिलाफ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के चाबुक ने रेत माफियाओं की कमर तोड़ दी है। खनिज विभाग ने पिछले 96 घंटों के भीतर तूफानी कार्रवाई करते हुए 23 वाहनों को रंगे हाथों धर दबोचा है। प्रशासन की इस अचानक और आक्रामक कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

आधी रात से सुबह तक ‘खनिज अमले’ का एक्शन – कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद खनिज विभाग की टीम ने जिले के चप्पे-चप्पे पर घेराबंदी की। इस विशेष अभियान में 22 ट्रैक्टर और 1 हाईवा को अवैध रूप से रेत ढोते हुए पकड़ा गया। विभाग ने न केवल गाड़ियां जब्त की हैं, बल्कि इन्हें पुलिस थानों और कलेक्ट्रेट परिसर में खड़ा कर माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है।
कहां-कहां हुई कार्रवाई? – जब्त किए गए वाहनों को सुरक्षा के लिहाज से निम्नलिखित स्थानों पर रखा गया है:
- कलेक्ट्रेट परिसर, रायगढ़
- थाना खरसिया और छाल
- थाना घरघोड़ा
- जोबी और रैरूमा चौकी
“अवैध खनन और परिवहन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है, आने वाले दिनों में शिकंजा और भी कड़ा होगा।”
खनिज विभाग, रायगढ़
कानूनी शिकंजे में माफिया – प्रशासन ने इस बार केवल जब्ती नहीं की है, बल्कि सख्त धाराओं के तहत केस भी दर्ज किया है:
- छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 (नियम 71)
- खान एवं खनिज अधिनियम 1957 (धारा 21 एवं 23-क)
इस पूरी कार्रवाई को खनिज निरीक्षक सोमेश्वर सिन्हा और उनकी टीम ने अंजाम दिया। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले की सीमाओं के भीतर अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण करने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है।




