बड़ी खबर: ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने कसी कमर; दीपक बैज के निर्देश पर जिला समन्वयकों की बड़ी फौज तैनात…

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। आगामी 10 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक चलने वाले ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को सफल बनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के आदेशानुसार जिलावार समन्वयकों की नियुक्ति कर दी गई है।
मैदानी स्तर पर घेराबंदी की तैयारी : प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी इस आधिकारिक आदेश (क्रमांक 011) के अनुसार, यह आंदोलन जिला, शहर, नगर/ब्लॉक और पंचायत स्तर तक फैलाया जाएगा। नियुक्त किए गए जिला समन्वयकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल अपने प्रभार वाले जिलों में पहुंचकर कार्यक्रमों का सफल आयोजन सुनिश्चित करें।
दिग्गजों को भेजी गई सूचना : संगठन की इस सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस आदेश की प्रतिलिपि कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रादेशिक दिग्गजों को भेजी गई है, जिनमें शामिल हैं:
- के.सी. वेणुगोपाल (एआईसीसी महासचिव)
- सचिन पायलट (छत्तीसगढ़ प्रभारी)
- डॉ. चरणदास महंत (नेता प्रतिपक्ष)
- भूपेश बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री)
- टी.एस. सिंहदेव (पूर्व उपमुख्यमंत्री)
रणनीतिक वार : मनरेगा बना हथियार – राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ ‘मनरेगा’ को मुद्दा बनाकर कांग्रेस सीधे तौर पर ग्रामीण मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रही है। प्रभारी महासचिव (संगठन) मलकीत सिंह गैदू के हस्ताक्षर से जारी यह पत्र यह संकेत देता है कि कांग्रेस अब पूरी तरह से ‘इलेक्शन मोड’ में आ चुकी है और सड़क से लेकर सदन तक सरकार को घेरने की तैयारी है।
“यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि केंद्र की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक संग्राम है।”
मुख्य बिंदु एक नज़र में :
- अभियान का नाम: मनरेगा बचाओ संग्राम।
- अवधि: 10 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक।
- लक्ष्य: पंचायत स्तर तक केंद्र सरकार के खिलाफ जनमत तैयार करना।
- नेतृत्व: दीपक बैज (प्रदेश अध्यक्ष) के मार्गदर्शन में जिला समन्वयकों की नियुक्ति।




