जशपुर: धान खरीदी में 6.55 करोड़ का महाघोटाला, फड़ प्रभारी गिरफ्तार, 5 अन्य आरोपी फरार…

जशपुर। जिले में धान खरीदी में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। तुमला थाना क्षेत्र के कोनपारा धान खरीदी उपकेंद्र में खरीफ वर्ष 2024-25 के दौरान 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपए की भारी गड़बड़ी उजागर हुई है। अपेक्स बैंक के नोडल अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी और प्रबंधक समेत 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फड़ प्रभारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि 5 अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं।
कैसे हुआ करोड़ों का ‘खेल’? – नोडल अधिकारी राम कुमार यादव द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड में 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दिखाई गई थी। लेकिन जब इस धान को मिल और संग्रहण केंद्रों में भेजने की बारी आई, तो केवल 1,40,663.12 क्विंटल धान ही पाया गया।
जांच में खुला राज :
- 20,586.88 क्विंटल धान मौके से गायब मिला।
- 3,100 रु. प्रति क्विंटल की दर से इस धान की कीमत 6.38 करोड़ रुपए आंकी गई है।
- धान पैकिंग के 4,898 नग बारदाने (कीमत 17.07 लाख रु.) का भी कोई अता-पता नहीं है।
- कुल मिलाकर शासन को 6,55,26,979 रुपए की आर्थिक चपत लगाई गई है।
इन पर गिरी गाज (FIR दर्ज) : पुलिस ने इस गबन के मामले में षड्यंत्र रचने और धोखाधड़ी करने के आरोप में निम्नलिखित 6 लोगों पर बीएनएस (BNS) की धाराओं 318(4), 320, 336, 338 व 61 के तहत मामला दर्ज किया है:
- भुनेश्वर यादव (प्राधिकृत अधिकारी)
- जयप्रकाश साहू (समिति प्रबंधक)
- शिशुपाल यादव (फड़ प्रभारी) – गिरफ्तार
- जितेंद्र साय (कंप्यूटर ऑपरेटर)
- अविनाश अवस्थी (सहायक फड़ प्रभारी)
- चंद्र कुमार यादव (उप सहायक फड़ प्रभारी)
पुलिस की कार्रवाई : मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में तुमला पुलिस ने दबिश देकर फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव (39 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का बयान:
“शासन के पैसे का दुरुपयोग और गबन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, शेष पांचों आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं। जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।”
फरार आरोपियों की तलाश तेज : थाना प्रभारी कोमल सिंह नेताम के नेतृत्व में पुलिस की टीम फरार आरोपियों की संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान इस घोटाले में कुछ और बड़े खुलासे होने की भी संभावना है।
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