जशपुर पुलिस का ‘रिपोर्ट कार्ड’ 2025: अपराधियों पर कड़ा प्रहार, 92% मामलों का निपटारा और करोड़ों की संपत्ति कुर्क…

जशपुर | जिला पुलिस बल ने वर्ष 2025 के दौरान अपराध नियंत्रण और सामुदायिक सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर स्थापित किया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस ने न केवल पुराने लंबित मामलों को सुलझाया, बल्कि संगठित अपराध, नशे की तस्करी और अंतरराज्यीय साइबर ठगी के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्यवाही की है।

आंकड़ों की जुबानी: न्याय में गति – वर्ष 2025 में जशपुर पुलिस ने कुल 2097 एफआईआर दर्ज कीं। पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुराने लंबित मामलों सहित कुल 2386 प्रकरणों में से 2162 का निराकरण (92.08%) किया जा चुका है।
- हत्या: 58 दर्ज मामलों में से 53 सुलझा लिए गए, जिसमें 66 आरोपी जेल भेजे गए। इनमें से 32 मामले पारिवारिक विवाद से संबंधित थे।
- महिला सुरक्षा: दुष्कर्म के 154 मामलों में से 142 का तत्काल निराकरण कर 157 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
विशेष ऑपरेशंस: अवैध कारोबार की कमर तोड़ी – जशपुर पुलिस ने अपराधियों के आर्थिक तंत्र पर कड़ा प्रहार करने के लिए कई विशेष अभियान चलाए:
- ऑपरेशन आघात (नशा मुक्ति): पुलिस ने 4 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड 25,638 लीटर शराब जब्त की। इसमें पंजाब से बिहार ले जाई जा रही 3.51 करोड़ की अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप शामिल है। NDPS एक्ट के तहत 2.21 करोड़ का गांजा और नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए।
- सफेमा (Safema) के तहत ऐतिहासिक कार्यवाही: जिले में पहली बार गांजा तस्करों की 1.88 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज कर राजसात करने की कार्यवाही की गई।
- ऑपरेशन शंखनाद: गौ-तस्करी के विरुद्ध 144 प्रकरणों में 3 करोड़ मूल्य के 70 वाहन जब्त किए गए और 1493 गौ-वंश को तस्करों से मुक्त कराया गया।
ठगी के अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय गिरोहों का पर्दाफाश – सायबर सेल और जशपुर पुलिस ने देश के विभिन्न कोनों से शातिर ठगों को घसीट निकाला:
- 150 करोड़ का महाघोटाला: दिल्ली से मंत्रालय का अधिकारी बनकर ठगी करने वाले ‘बंटी-बबली’ गिरोह को गिरफ्तार किया।
- चिटफंड पर प्रहार: 54 करोड़ की ठगी करने वाला फरार डायरेक्टर जितेन्द्र बीसे इंदौर से पकड़ा गया।
- जादुई कलश कांड: ‘कलश’ के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले 4 जालसाजों को सलाखों के पीछे भेजा गया।
ऑपरेशन मुस्कान और मानवीय चेहरा – पुलिस ने केवल डंडा ही नहीं चलाया, बल्कि संवेदनशीलता भी दिखाई:
- बच्चों की वापसी : ऑपरेशन मुस्कान के तहत 154 गुमशुदा बच्चों में से 146 बच्चों को ढूंढकर उनके माता-पिता को सौंपा गया।
- अज्ञात शव की गुत्थी : 4 महीने पुराने नृशंस हत्याकांड (अनिरुद्ध दास मामला) का खुलासा कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसमें सिर काटकर शव जंगल में गाड़ दिया गया था।
सड़क सुरक्षा और जागरूकता – सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने सख्ती और शिक्षा दोनों का सहारा लिया। वर्ष 2025 में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में कमी आई है (341 से घटकर 310)। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत रिकॉर्ड 20,150 चालानी कार्यवाही की गई, जो सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाती है।
तकनीक और नया कानून (BNS) – जशपुर पुलिस ने ‘ClickSafe’ अभियान के तहत यूनिसेफ के साथ मिलकर साइबर योद्धा तैयार किए। वहीं, नये आपराधिक कानूनों (BNS) के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए राज्योत्सव में प्रभावी नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसकी प्रशंसा स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की।
भविष्य की रणनीति: 2026 का संकल्प – एसएसपी जशपुर ने आगामी वर्ष के लिए 5 सूत्रीय कार्ययोजना तैयार की है :
- जीरो एक्सीडेंट: सड़क इंजीनियरिंग और जागरूकता से दुर्घटना दर घटाना।
- महिला सशक्तिकरण: ‘चलित थाना’ के माध्यम से मौके पर शिकायतों का निराकरण।
- नशा मुक्त जशपुर: तस्करों और नशे के सौदागरों पर सख्त शिकंजा।
- फरार अपराधियों की धरपकड़: लंबे समय से फरार आरोपियों के लिए विशेष टीमों का गठन।
- सामुदायिक पुलिसिंग: जनसहयोग से ‘सुरक्षित जशपुर’ का निर्माण।
जशपुर पुलिस का यह साल अपराध उन्मूलन और पीड़ितों को न्याय दिलाने के नाम रहा। तकनीक और सक्रियता के समन्वय ने जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया है।




