एनएच-49 पर यातायात पुलिस का जागरूकता अभियानखरसिया-भूपदेवपुर मार्ग के ब्लैक स्पॉट कांशीचुअा चौक पर बिना हेलमेट चालकों पर कार्रवाई, 200 हेलमेट वितरित

रायगढ़, 29 नवंबर। सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि और हेलमेट न पहनने से होने वाली गंभीर चोटों को ध्यान में रखते हुए रायगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को एनएच-49 के चिन्हित ब्लैक स्पॉट कांशीचुआ चौक पर विशेष यातायात जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन में आयोजित इस अभियान में यातायात पुलिस रायगढ़ और भूपदेवपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बिना हेलमेट मिले दुपहिया चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की और उन्हें मौके पर नि:शुल्क हेलमेट भी उपलब्ध कराए।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने दोपहर तक कुल 200 हेलमेट वितरित किए। अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का सबसे बुनियादी उपकरण है।
अधिकारियों ने दी सख्त चेतावनी और समझाइश : अभियान में उपस्थित एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल तथा ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह ने वाहन चालकों को तेज रफ्तार से बचने, शराब पीकर वाहन न चलाने, मोबाइल फोन का उपयोग न करने तथा दुपहिया वाहन चलाते समय हर परिस्थिति में हेलमेट पहनने की नसीहत दी। अधिकारियों ने कहा कि एनएच-49 पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव के बीच सुरक्षा नियमों का पालन ही दुर्घटना रोकने का एकमात्र प्रभावी तरीका है। “हेलमेट आपकी सुरक्षा का पहला कवच है; इसे आदत बनाना हर चालक की जिम्मेदारी है,” उन्होंने जोर देकर कहा।
सामुदायिक भागीदारी के साथ जागरूकता : अभियान में पुलिस टीम के साथ JSW कंपनी के प्रतिनिधि – नवीन ओझा, रूपम दत्ता और अमित जोहरी – भी मौजूद रहे। कंपनी की सहभागिता से हेलमेट वितरण कार्यक्रम को विस्तार मिला। इस दौरान थाना प्रभारी भूपदेवपुर संजय नाग, एएसआई राजेश मिश्रा, एएसआई राजेंद्र पटेल (यातायात) सहित थाना स्टाफ और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए हेलमेट को नियमित उपयोग में लाने का आश्वासन भी दिया।
सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस का निरंतर अभियान : रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एनएच-49 सहित जिले के अन्य संवेदनशील मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुगम बनाने हेतु ऐसे अभियान आगे भी निरंतर चलाए जाएंगे। यातायात नियमों का पालन करवाने के लिए कठोर कार्रवाई और सामुदायिक जागरूकता, दोनों पर विशेष फोकस रहेगा।




