लैलूंगा में PHE विभाग की खुली लूट – मजदूरों से 9 दिन खटवाकर ठेकेदार फरार, इंजीनियर फोन तक उठाने को तैयार नहीं…!

रायगढ़। जिले के लैलूंगा में सरकार ‘हर घर नल से जल’ का नारा गढ़ रही है, लेकिन जमीनी हकीकत में PHE विभाग गरीब मजदूरों के हक़ पर डाका डालने में जुटा है। लैलूंगा क्षेत्र में जामबाहार डेम से पाइपलाइन बिछाने और फ़िल्टर मशीन बैठाने का काम जोरों पर है। इस काम के लिए लगाए गए ठेकेदार ने स्थानीय मजदूरों से लगातार 9 दिन तक सुबह से देर रात तक खटवा लिया, लेकिन मजदूरी चुकाने की बारी आते ही रफ्फूचक्कर हो गया।
PHE विभाग के इंजीनियर पर आरोप – सौ से ज्यादा कॉल अनसुने : ग्रामीण मजदूरों का आरोप है कि विभागीय PHE इंजीनियर को सौ से ज्यादा बार फोन लगाया गया, लेकिन वह न तो कॉल रिसीव करता है और न ही मजदूरों से मिलना चाहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा खेल ठेकेदार और PHE विभाग की मिलीभगत का है, जहां मेहनतकश लोगों का खून-पसीना बहवा कर उनकी गाढ़ी कमाई हड़प ली गई।
“हक़ न मिला तो PHE विभाग का घेराव करेंगे” : आक्रोशित मजदूरों ने दो टूक चेतावनी दी है – अगर जल्द ही मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया तो वे काम बंद कर धरना देंगे और PHE विभाग का घेराव करेंगे। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक पाई-पाई का हिसाब नहीं चुकाया जाएगा, ठेकेदार और इंजीनियर को क्षेत्र में घुसने नहीं दिया जाएगा।
मजदूरों की लंबी सूची, हक़ पर भारी लूट : शोषण का शिकार बने मजदूरों में महेश राम भगत, चिंटू खान, शिवानंद सारथी, सुंदर यादव, राजेश कुमार, सोनू भगत, मेहतर राम भगत, अनंत राम भगत, श्रवण कुमार और लालजीत विश्वकर्मा शामिल हैं। ये सभी रोज़ की मजदूरी पर निर्भर हैं, लेकिन अब PHE विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से उनके हक़ पर डाका डाला गया है।
“हर घर नल से जल” बनाम “हर मजदूर को ठगी” : एक तरफ सरकार करोड़ों की योजनाओं का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ इन्हीं योजनाओं को पूरा कराने वाले मजदूरों को उनका पसीना-पैसा तक नहीं दिया जा रहा। सवाल यह है कि जब PHE विभाग का इंजीनियर फोन तक उठाने की जहमत नहीं कर रहा, तो मजदूर अपनी बात किससे कहें?
अब मजदूरों की ललकार – “चुप नहीं बैठेंगे” : यह पूरा मामला सिर्फ लैलूंगा का नहीं, बल्कि पूरे जिले में व्याप्त उस मानसिकता को उजागर करता है, जहां ठेकेदार और PHE विभाग मिलकर मजदूरों का शोषण करते हैं। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन कब तक चुप बैठता है और कब मजदूरों को उनका हक़ दिलाता है।
लेकिन अब मजदूर साफ कह रहे हैं – “लैलूंगा में PHE विभाग की लूट नहीं चलेगी, मजदूर अब चुप बैठने वाले नहीं हैं…!”