धरमजयगढ़ में शिक्षकों की लंबित समस्याओं को लेकर मुखर हुआ शिक्षक संघ, बीईओ को सौंपा 6 सूत्रीय ज्ञापन ; त्वरित निराकरण का मिला आश्वासन…

रायगढ़। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन (ब्लॉक इकाई धरमजयगढ़) के एक प्रतिनिधिमंडल ने विकासखंड स्तर पर शिक्षकों की विभिन्न गंभीर व लंबित समस्याओं को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) श्री एस. आर. सिदार को 6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। यह प्रतिनिधिमंडल फेडरेशन के प्रदेश संगठन मंत्री श्री इंद्रजीत शर्मा एवं ब्लॉक अध्यक्ष श्री ताम्रध्वज चंद्रा के संयुक्त नेतृत्व में बीईओ कार्यालय पहुँचा था।
प्रतिनिधिमंडल ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी के साथ बिंदुवार सौहार्दपूर्ण माहौल में विस्तृत चर्चा की। संगठन ने शिक्षकों के सेवा अभिलेखों के संधारण, लंबित देयकों के भुगतान और कार्यालयीन कार्यप्रणाली से जुड़े प्रमुख मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
ज्ञापन में शामिल प्रमुख 6 सूत्रीय मांगें :
- सेवा पुस्तिका का संकुलवार अद्यतनीकरण : शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाओं में समूह बीमा योजना के फॉर्म 8, फॉर्म 7, फॉर्म D सहित अन्य अपूर्ण प्रविष्टियों को संकुलवार विशेष शिविर लगाकर पूर्ण कराया जाए, ताकि सेवानिवृत्ति अथवा किसी अनहोनी की स्थिति में शिक्षक या उनके आश्रित परिवार को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या वित्तीय परेशानी का सामना न करना पड़े।
- उच्च परीक्षा अनुमति आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण : विभागीय अनुमति लेकर उच्च शिक्षा या परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु जिन शिक्षकों ने आवेदन जमा किए हैं, उन्हें कार्यालय में अनावश्यक विलंबित न करते हुए तय समय-सीमा के भीतर अग्रेषित कर उच्च कार्यालय भेजा जाए।
- संविलियन पूर्व का लंबित वेतन भुगतान : शासकीय सेवा में संविलियन से पूर्व के 26 शिक्षकों का पंचायत संवर्ग अवधि का वेतन भुगतान लंबे समय से लंबित है। नियमानुसार शासन से आवश्यक बजट आबंटन की मांग कर इस बकाए का शीघ्रातिशीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- अकारण वेतन रोकने की प्रवृत्ति पर रोक : संगठन के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि संबंधित शाखा के लिपिकों द्वारा बिना किसी लिखित सूचना अथवा ठोस कारण के कुछ शिक्षकों का दो-दो माह का वेतन रोक दिया गया है। संगठन ने इस पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए मांग की कि बिना विधिवत प्रक्रिया और पूर्व सूचना के किसी भी शिक्षक का वेतन न रोका जाए तथा रोके गए वेतन का तत्काल भुगतान हो।
- अर्जित योग्यता का सेवा अभिलेख में अंकन : विभागीय अनुमति उपरांत उच्च परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शिक्षकों की अंतिम वर्ष की अंकसूची एवं अनुमति पत्र के आधार पर उनकी योग्यता का अंकन सेवा पुस्तिका में किया जाए और इसके लिए शिक्षकों को अनावश्यक औपचारिकताओं में न उलझाया जाए।
- सेवानिवृत्ति स्वत्व एवं अनुकंपा प्रकरणों का त्वरित निपटारा : सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों के समस्त लंबित स्वत्वों का नियमानुसार शीघ्र भुगतान किया जाए। साथ ही, 1 जुलाई 2023 के उपरांत जिन एल.बी. संवर्ग शिक्षकों का आकस्मिक निधन हुआ है, उनके आश्रित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति, अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया), समूह बीमा, एनपीएस/जीपीएफ, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण एवं परिवार पेंशन का लाभ दिलाया जाए। संगठन ने इस मानवीय कार्य में प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने की तत्परता भी व्यक्त की।
कार्यालयीन व्यवहार में सुधार के निर्देश – वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विकासखंड कार्यालय के लिपिकीय स्टाफ द्वारा शिक्षकों के साथ किए जाने वाले व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। पदाधिकारियों ने अवगत कराया कि जब भी शिक्षक अपनी व्यक्तिगत या सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर ब्लॉक कार्यालय पहुँचते हैं, तो उनके साथ अपेक्षित सहयोग और शालीनता का अभाव देखने को मिलता है।
इस पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री एस. आर. सिदार ने संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल संबंधित शाखा प्रभारियों एवं लिपिकों को तलब किया। उन्होंने ज्ञापन में वर्णित सभी बिंदुओं का त्वरित निराकरण करने तथा शिक्षकों के प्रति व्यवहार में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। बीईओ ने आश्वस्त किया कि वे स्वयं इन सभी मामलों के प्रगति की नियमित समीक्षा करेंगे और संगठन को भी प्रगति से अवगत कराएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे उपस्थित – ज्ञापन सौंपने के दौरान फेडरेशन के जिला प्रतिनिधि श्रीमती वृहस्पति चौहान, ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुनील ओहदार, ब्लॉक उपाध्यक्ष श्री कृष्णा खूंटे, ब्लॉक महामंत्री श्री सुनील केरकेट्टा, श्री शिवपूजन कुजूर, श्री विनय खलखो, श्री जयप्रकाश पटेल, श्री भोलादास महंत एवं श्री कृष्ण कुमार झरिया सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित थे।




