सूरजपुर

सूरजपुर : नौकरी के नाम पर ठगी और साइबर क्राइम का बड़ा खुलासा, 77 लाख का संदिग्ध ट्रांजैक्शन देख पुलिस भी दंग…

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पुलिस ने धोखाधड़ी और साइबर अपराध के एक गंभीर मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आरोपी भूपेन्द्र विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है, जिसने न केवल बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर ठगा, बल्कि अपने बैंक खाते को साइबर अपराधियों को ‘किराये’ पर देकर लाखों का अवैध लेन-देन भी करवाया।

नौकरी का झांसा देकर वसूले पैसे – ​मामले की शुरुआत ग्राम दवना निवासी विजय प्रताप की शिकायत से हुई। शिकायत के मुताबिक, आरोपी भूपेन्द्र ने खुद को रसूखदार बताकर विजय को SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) में नौकरी दिलाने का लालच दिया।

  • ​विजय प्रताप से 20 हजार रुपये और उनके रिश्तेदार रतन सिंह से 35 हजार रुपये (कुल 55 हजार) आरोपी ने ठग लिए।
  • ​नौकरी न मिलने और पैसे वापस मांगने पर जब आरोपी टाल-मटोल करने लगा, तब पीड़ित ने सूरजपुर थाने में धारा 420 के तहत मामला दर्ज कराया।

साइबर फ्रॉड का ‘कनेक्शन’ और 77 लाख का खेल – पुलिस जब इस मामले की जांच कर रही थी, तभी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से एक चौंकाने वाली इनपुट मिली। पता चला कि आरोपी का IDBI बैंक खाता देशभर में हो रही साइबर ठगी के पैसों को खपाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

जांच में बड़ा खुलासा: पुलिस को आरोपी के बैंक रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि उसके खाते से 77 लाख 84 हजार रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है।

सिर्फ 5 हजार में बेचा अपना ईमान – ​डीआईजी और एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में जब पुलिस ने आरोपी को उसके निवास से घेराबंदी कर पकड़ा, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि:

  • ​उसने नौकरी के नाम पर लिए गए पैसे खर्च कर दिए।
  • ​लालच में आकर उसने अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह को मात्र 5,000 रुपये में सौंप दिया था।

पुलिस की कार्रवाई – ​तकनीकी सहायता और मुखबिरों की सूचना के आधार पर सूरजपुर पुलिस ने आरोपी को 10 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब उस बड़े साइबर गिरोह की तलाश में जुटी है, जो भूपेन्द्र जैसे स्थानीय लोगों के खातों का इस्तेमाल कर करोड़ों की ठगी को अंजाम दे रहा है।

सावधान रहें : किसी भी अज्ञात व्यक्ति को नौकरी के नाम पर पैसे न दें और न ही अपना बैंक विवरण या किट (ATM/SIM) किसी को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराएं। यह आपको कानूनी मुसीबत में डाल सकता है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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