घरघोड़ा : पुरानी रंजिश में खूनी खेल, हॉकी स्टिक से जानलेवा हमला करने वाले दोषी को 7 साल की जेल…

रायगढ़। छाल थाना क्षेत्र के नवापारा में पुरानी दुश्मनी को लेकर दो ग्रामीणों पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को कानून ने कड़ा सबक सिखाया है। माननीय अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा की अदालत ने आरोपी प्रताप बरवा को हत्या के प्रयास का दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के कठोर कारावास और 4,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
रास्ता रोककर बरसाईं हॉकी स्टिक : यह खूनी संघर्ष 4 अगस्त 2019 की रात करीब 9:30 बजे हुआ था। गवाहों के अनुसार, प्रार्थी शैलेष यादव जब अपने घर की ओर जा रहा था, तभी उसने देखा कि नवापारा निवासी घनाराम और परसराम अपनी बाइक से आ रहे थे। घात लगाकर बैठे आरोपी प्रताप बरवा (28 वर्ष) ने विवेकानंद कॉन्वेंट स्कूल के पास उनका रास्ता रोक लिया। पुरानी रंजिश की आग में जल रहे प्रताप ने गाली-गलौज शुरू की और फिर जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ में ली हुई हॉकी स्टिक से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
चीख-पुकार सुन दौड़े ग्रामीण : आरोपी प्रताप ने हत्या की नीयत से घनाराम की गर्दन और कमर पर जोरदार वार किए। हमले में परसराम भी गंभीर रूप से लहूलुहान हो गया। मौके पर मची चीख-पुकार सुनकर स्थानीय निवासी विमल राठिया और स्वपनील सारथी वहां पहुंचे और बीच-बचाव कर घायलों को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया।
पुलिस की सक्रियता और अदालत का फैसला : घटना के तुरंत बाद डायल 112 को सूचना दी गई, जिसके बाद घायलों को तत्काल SECL अस्पताल, नवापारा में भर्ती कराया गया। छाल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा था।
अदालत की सख्त टिप्पणी : सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने पाया कि आरोपी ने सोची-समझी साजिश के तहत जानलेवा हमला किया था। न्यायालय ने समाज में कड़ा संदेश देने के लिए आरोपी को 7 साल की कैद की सजा सुनाई।
“अपराध का रास्ता जेल की सलाखों तक ही जाता है। यह फैसला पुरानी रंजिश के नाम पर हिंसा करने वालों के लिए एक बड़ी चेतावनी है।”




