क्या लैलूंगा की सड़कें और सार्वजनिक संपत्तियां अब चंद रसूखदारों की जागीर बन गई हैं? क्यों सोया है प्रशासन?…

लैलूंगा। शहर के हृदय स्थल बस स्टैंड के पास भू-माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि उन्होंने न केवल सरकारी जमीन को निशाना बनाया, बल्कि आम जनता की जान को भी दांव पर लगा दिया है। मुख्य चौक स्थित पुरानी सरकारी धर्मशाला को तोड़कर रातों-रात वहां बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी गई है। अवैध कब्जे की इस “साजिश” ने अब एक बड़े हादसे की आहट देना शुरू कर दिया है।
सड़क के बेस को किया खोखला, मंडरा रहा खतरा – अवैध कब्जे की नीयत इस कदर हावी है कि मुख्य सीमेंट कंक्रीट सड़क (CC Road) के ठीक किनारे 3 से 4 फीट गहरा गड्ढा खोद दिया गया है। इस खुदाई से मुख्य मार्ग का बेस पूरी तरह कमजोर हो चुका है। भारी वाहनों के गुजरने पर सड़क धंसने का खतरा पैदा हो गया है, जो किसी भी पल किसी भयावह दुर्घटना का सबब बन सकता है।
प्रशासनिक चुप्पी पर जनता का आक्रोश – यह स्थान नगर का सबसे व्यस्ततम चौक है, जहां चौबीसों घंटे राहगीरों और वाहनों का दबाव रहता है। स्थानीय नागरिकों में इस मनमानी को लेकर भारी उबाल है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि:
- सरकारी संपत्ति को सरेआम नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
- आबादी भूमि पर अवैध निर्माण कर सार्वजनिक स्थल को हड़पने की कोशिश की जा रही है।
- प्रशासन की नाक के नीचे “मौत का जाल” बिछाया गया है, फिर भी जिम्मेदार मौन हैं।
FIR की मांग : ‘बड़ा हादसा हुआ तो जिम्मेदार होगा प्रशासन’ – मामले की गंभीरता को देखते हुए जागरूक नागरिकों ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM) और मुख्य नगरपालिका अधिकारी से निवेदन किया है दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज हो।
“यह केवल अतिक्रमण नहीं, बल्कि आपराधिक कृत्य है। सरकारी संपत्ति को तोड़ना और सड़क को नुकसान पहुंचाकर लोगों की जान जोखिम में डालना गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है।”
स्थानीय नागरिक
अब देखना यह है कि प्रशासन इन रसूखदारों पर शिकंजा कसता है या किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करता है?




