बालोद में कलेक्टर की नाक के नीचे मुरूम की लूट : जिला खनिज अधिकारी की आंखें बंद!

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। जिले में प्रशासनिक लापरवाही का नंगा चेहरा उजागर हो रहा है। ग्राम पंचायत सिवनी में नर्सरी के ठीक पीछे कोई गौतम गुप्ता नामक व्यक्ति बड़े पैमाने पर अवैध मुरूम उत्खनन करवा रहा है। संयुक्त जिला कार्यालय से महज 300 मीटर दूर यह कृत्य हो रहा है, फिर भी जिला खनिज अधिकारी प्रवीण चंद्राकर सोते हुए हैं। यह न केवल खनिज विभाग और राजस्व विभाग को खुली चुनौती दे रहा है, बल्कि पर्यावरण पर भी गहरा संकट पैदा कर रहा है। ग्रामीणों का गुस्सा भड़क रहा है, क्योंकि अधिकारियों की उदासीनता से जिले भर में कानून का राज खतरे में पड़ गया है।

बालोद जिले की सिवनी ग्राम पंचायत में अवैध मुरूम खनन का काला कारोबार जोरों पर है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक स्थानीय निवासी गौतम गुप्ता के वाहनों द्वारा ग्राम सिवनी में नर्सरी के पीछे वाले इलाके से भारी मात्रा में मुरूम खोदकर ऊंचे दामों पर बेच रहा है। उसके भारी वाहनों की रेलम-पेल दिन-रात चलती रहती है, जो साफ दिखाई देती है। लेकिन जिला खनिज अधिकारी प्रवीण चंद्राकर को यह सब कुछ नजर नहीं आता। मानो वे अपने कानो में तेल डालकर सोए हुए हो?

इस व्यक्ति के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। यह व्यक्ति कही भी जेसीबी और हाइवा लेकर पहुंच जाता है और कही भी अवैध उत्खनन करने लग जाता है। जैसे इन्हें खुली छूट मिली हुई है, लेकिन इन पर कोई सख्त कार्यवाही नहीं होती। ग्रामीणों का कहना है कि जिला कलेक्टर का कार्यालय इतना करीब होने पर भी चुप्पी साधे रहना आश्चर्यजनक है। सभी प्रशासनिक अधिकारी इसी सड़क से गुजरते हैं, फिर भी आंखें मूंदे चलते हैं। इससे जिले के अन्य इलाकों में अवैध खनन की हिम्मत बढ़ रही है।

पर्यावरणविदों का मानना है कि अनियंत्रित उत्खनन से मिट्टी का कटाव बढ़ेगा, जलस्रोत सूखेंगे और जैव विविधता नष्ट हो जाएगी। जिला खनिज विभाग की रिपोर्ट्स में बालोद में मुरूम के लीगल पट्टे सीमित हैं, लेकिन अवैध कारोबार, करोड़ों का है। राजस्व विभाग को भी भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तत्काल छापेमारी और आरोपी पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
प्रवीण चंद्राकर की इस लापरवाही से सवाल उठ रहे हैं कि क्या उच्च अधिकारियों को रिश्वत का लालच दिया जा रहा है? या विभागीय मिलीभगत चल रही है? अगर तुरंत एक्शन नहीं लिया गया, तो पर्यावरणीय आपदा निश्चित है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर कार्यवाही न हुई तो वे आंदोलन करेंगे। जिला प्रशासन को अब जागना होगा, वरना जनता का विश्वास डगमगा जाएगा।
सिवनी में अवैध उत्खनन का समाचार अखबार में प्रकाशन के बाद अवैध उत्खनन पर रोक लग गई है। अवैध उत्खनन की तस्वीर प्राप्त हुई है। फोटो के आधार पर जांच कर कार्यवाही होगी….
आशुतोष शर्मा, तहसीलदार, बालोद




