महासमुंद : कांग्रेस भवन बना अखाड़ा; पार्षद और पदाधिकारियों के बीच चले लात-घूंसे, FIR दर्ज…

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पार्टी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही कांग्रेसी नेता आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि नेताओं के बीच जमकर लात-घूंसे चले, कुर्सियां फेंकी गईं और कपड़े तक फट गए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
विवाद की जड़ : ‘सूचना’ न मिलना बना कारण – मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे कांग्रेस भवन में ‘महंगाई’ के मुद्दे पर एक पत्रकार वार्ता आयोजित की गई थी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वार्ड नंबर-28 के पार्षद और जिला उपाध्यक्ष विजय साव ने पार्टी पदाधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्हें और अन्य जमीनी कार्यकर्ताओं को कार्यक्रमों की सूचना ठीक से नहीं दी जाती है।
इसी बात को लेकर विजय साव की पूर्व ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष ढेलू निषाद और पूर्व शहर कोषाध्यक्ष निर्मल जैन से तीखी बहस शुरू हो गई।
रणक्षेत्र में तब्दील हुआ कांग्रेस भवन : बहस ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार :
- तीनों नेताओं के बीच गाली-गलौज के बाद हाथापाई शुरू हो गई।
- आक्रोशित नेताओं ने एक-दूसरे पर प्लास्टिक की कुर्सियां और कांच के ग्लास फेंके।
- झड़प इतनी भीषण थी कि नेताओं के कुर्ते तक फट गए और कार्यालय का फर्नीचर क्षतिग्रस्त हो गया।
विधायक को बुलानी पड़ी पुलिस – हंगामे के दौरान मौके पर मौजूद अन्य नेताओं ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन जब मामला शांत नहीं हुआ, तो खल्लारी विधायक और जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सिटी कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
कार्रवाई : समझाने पर भी नहीं माने पार्षद – पुलिस ने जब विजय साव को समझाने और कांग्रेस भवन से बाहर जाने को कहा, तो वे अड़ गए। काफी देर तक चले ड्रामे के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई और उन्हें भवन से बाहर निकाला। घटना के बाद आक्रोशित कांग्रेसी नेताओं ने एकजुट होकर सिटी कोतवाली थाने में विजय साव के खिलाफ लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है।
मुख्य बिंदु :
- घटना का समय : गुरुवार, दोपहर 3:30 बजे।
- मुख्य पात्र : विजय साव (पार्षद), ढेलू निषाद और निर्मल जैन।
- कारण : संगठन के कार्यक्रमों की सूचना न देना और आपसी मतभेद।
- वर्तमान स्थिति : पुलिस जांच जारी है और पार्टी स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना है।
यह घटना दर्शाती है कि महासमुंद कांग्रेस में भीतर ही भीतर असंतोष की लहर है, जो अब सरेआम हिंसक झड़पों के रूप में बाहर आ रही है।




