गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

साहब की ‘सफेदपोश’ डकैती! एक्सीडेंट में फंसे परिवार को राहत का झांसा देकर RI ने वसूली ‘मोटी रकम’, अब ऑडियो ने खोली पोल!…

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। दीपक गुप्ता : न्याय की उम्मीद में बैठे पीड़ित और कानूनी शिकंजे में फंसे परिवार को अपना शिकार बनाने वाले एक ‘सफेदपोश’ अधिकारी का काला कारनामा सामने आया है। मरवाही अनुभाग में पदस्थ राजस्व निरीक्षक (RI) अभिषेक त्रिपाठी पर आरोप लगा है कि उन्होंने एक्सीडेंट के एक मामले में पीड़ित परिवार को सहायता राशि दिलाने का झांसा देकर आरोपी के पिता से 1.50 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली।

अब न तो वह पैसा पीड़ित परिवार तक पहुँचा और न ही RI साहब उसे वापस कर रहे हैं। इस धोखाधड़ी के खिलाफ अब पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।

क्या है पूरा मामला? – मामले की शुरुआत 15 जून 2025 को हुई, जब मरवाही निवासी स्नेहिल गुप्ता (25 वर्ष) का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे के बाद स्नेहिल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बेटे के जेल जाने से परेशान पिता सुनील गुप्ता की लाचारी का फायदा उठाते हुए राजस्व निरीक्षक अभिषेक त्रिपाठी ने अपनी बिसात बिछाई।

आरोप के मुताबिक :

  • ​RI अभिषेक त्रिपाठी ने सुनील गुप्ता से कहा कि दुर्घटना में घायल/पीड़ित परिवार को तत्काल राहत राशि देनी होगी ताकि जन-आक्रोश न भड़के।
  • ​तर्क दिया गया कि सरकारी राहत राशि आने में वक्त लगता है, इसलिए अभी नकद दे दो, बाद में तहसील से पैसा आने पर वापस मिल जाएगा।
  • ​बेटे को बचाने और मामले को शांत करने की जुगत में पिता ने 1.50 लाख रुपये नकद RI के हवाले कर दिए।

जेल से बाहर आते ही खुला ‘भ्रष्टाचार का पिटारा’ – जब स्नेहिल गुप्ता जेल से छूटकर बाहर आया, तो उसे इस अवैध वसूली का पता चला। जांच करने पर सामने आया कि RI ने वह पैसा पीड़ित परिवार को दिया ही नहीं। जब स्नेहिल ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोप है कि अभिषेक त्रिपाठी ने अपनी ‘सरकारी पद’ की धौंस दिखाते हुए उसे धमकाया और पैसा देने से साफ इनकार कर दिया।

“मुझसे यह कहकर पैसे लिए गए कि तहसील से राहत राशि मिलने पर वापस कर देंगे, लेकिन बीते चार महीनों से सिर्फ टालमटोल किया जा रहा है। अब मुझे धमकी दी जा रही है कि मैं सरकारी आदमी हूं, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।” – स्नेहिल गुप्ता (शिकायतकर्ता)

ऑडियो वायरल, विभाग में हड़कंप – इस मामले में केवल लिखित शिकायत ही नहीं, बल्कि एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि इस ऑडियो में राजस्व निरीक्षक और पीड़ित पक्ष के बीच लेन-देन को लेकर बातचीत हो रही है, जिससे वसूली की पुष्टि होती दिख रही है। इस खुलासे के बाद से पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

मुख्य बिंदु :

  • शिकायतकर्ता: स्नेहिल गुप्ता (पिता सुनील गुप्ता)।
  • आरोपी अधिकारी: अभिषेक त्रिपाठी (राजस्व निरीक्षक, मरवाही)।
  • वसूली की रकम: ₹1,50,000 (नकद)।
  • गवाह: पिंटू सुमेर, वाहिद खान और राकेश चन्द्रा की मौजूदगी में लेन-देन का दावा।

​मरवाही पुलिस अब इस आवेदन और वायरल ऑडियो के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है। देखना यह होगा कि “सरकारी रसूख” की धौंस दिखाने वाले इस अधिकारी पर कानून का शिकंजा कसता है या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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