अंबिकापुर

नये साल के जश्न में डूबा सरगुजा : 48 घंटे में गटक गए सवा करोड़ की शराब, टूटा पिछले साल का रिकॉर्ड..

अंबिकापुर : सरगुजा जिले में नववर्ष 2026 का स्वागत बेहद ‘नशीला’ रहा। जश्न के खुमार में डूबे लोगों ने इस कदर जाम छलकाए कि पिछले साल के तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर और 1 जनवरी के बीच जिले के शौकीनों ने सवा करोड़ रुपए से अधिक की शराब पी डाली।

31 दिसंबर : एक दिन में 93 लाख की ‘नदी’ बही – ​थर्टी फर्स्ट की रात सरगुजा के लिए रिकॉर्ड तोड़ रही। महज 24 घंटे के भीतर जिले की 9 शराब दुकानों से 93 लाख 30 हजार 800 रुपए की शराब बिकी। यह आंकड़ा पिछले साल (2024) की तुलना में करीब 25 लाख रुपए अधिक है। पिछले वर्ष 31 दिसंबर को 68 लाख रुपए की बिक्री हुई थी, लेकिन इस बार साल के अंत ने नया इतिहास रच दिया।

प्रीमियम दुकान का दबदबा : गांधी चौक रही ‘नंबर वन’ – शराब प्रेमियों की पहली पसंद अंबिकापुर शहर के गांधी चौक स्थित प्रीमियम शराब दुकान रही।

  • एक दिन की कमाई : 18.93 लाख रुपए।
  • वजह : यहाँ 1000 रुपए से अधिक कीमत वाले ब्रांड्स की उपलब्धता।
  • ​महंगी शराब के शौकीनों की भारी भीड़ के चलते यह दुकान पूरे जिले में बिक्री के मामले में शीर्ष पर रही।

पर्यटन स्थलों पर भी छलके जाम – 1 जनवरी को नए साल के पहले दिन भी दुकानों पर पैर रखने की जगह नहीं थी। विशेषकर मैनपाट जैसे पर्यटन स्थलों पर पिकनिक मनाने पहुंचे पर्यटकों ने जमकर खरीदारी की। अंबिकापुर की प्रीमियम शॉप और मैनपाट की दुकानों पर साल के पहले दिन जबरदस्त ‘फुटफॉल’ देखा गया।

अवैध कारोबार पर विभाग की स्ट्राइक, फिर भी आशंका बरकरार –  एक तरफ सरकारी दुकानों पर रिकॉर्ड बिक्री हुई, वहीं दूसरी तरफ अवैध शराब का काला कारोबार भी जोरों पर रहा।

  • बड़ी कार्रवाई : 31 दिसंबर को ही आबकारी उड़नदस्ते ने 40 लाख रुपए की अवैध शराब जब्त कर एक बड़ी खेप को पकड़ा।
  • चुनौती : पड़ोसी राज्यों से आने वाली शराब और ग्रामीण इलाकों में सक्रिय ‘कोचिए’ प्रशासन के लिए अब भी सिरदर्द बने हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि सरकारी आंकड़ों के अलावा, अवैध रूप से भी बड़ी मात्रा में शराब खपाई गई है।

“सरगुजा में इस साल शराब की मांग में भारी उछाल देखा गया है। 31 दिसंबर की बिक्री ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जो जिले में जश्न के बदलते ट्रेंड को दर्शाता है।”

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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