बालोद

जिले में घरेलू गैस सिलेंडर का गैरकानूनी व्यावसायिक उपयोग, हिन्द सेना ने खाद्य विभाग से तुरंत रोक लगाने की मांग की

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। जिले के सभी शहरों और गांव के छोटे-बड़े होटलों में खाद्य सामग्री बनाने के काम में घरेलू गैस सिलेंडर का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर सिर्फ घरेलू उपयोग के लिए सस्ते दाम पर जारी किया है, व्यवसायों के लिए कमर्शियल सिलेंडर निर्धारित हैं। जिले का खाद्य विभाग इस नियम को गंभीरता से नहीं ले रहा और खुलेआम घरेलू सिलेंडर की सप्लाई की जा रही है। आपको बता दें कि जिले के बालोद, दल्ली राजहरा, डौंडीलोहारा, अर्जुन्दा, डौंडी, गुरूर, गुण्डरदेही, सिकोसा, भंवरमरा इत्यादि जगहों में बेधड़क होटलों और दुकानों में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग हो रहा है।

खाद्य विभाग के अधिकारी तब सक्रिय होते हैं जब मीडिया में इस मुद्दे की खबर आती है, फिर भी उनकी कार्यवाही केवल दिखावे तक सीमित रह जाती है। वहीं जो ईमानदार व्यवसायी कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, उनके प्रतिष्ठान में बेवजह बार-बार जांच पड़ताल की जाती है, जो नाइंसाफी है।

गैस सिलेंडरों और व्यवसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों का अंतर :

  • घरेलू गैस सिलेंडर : लगभग 900-1000 रुपये (लगभग 14.2 कि.ग्रा. के लिए)
  • कमर्शियल (व्यवसायिक) गैस सिलेंडर : लगभग 1900-1950 रुपये (लगभग 19 कि.ग्रा. के लिए)

सरकार ने ये नियम बनाए हैं कि घरेलू सिलेंडर केवल घर के लिए और कमर्शियल सिलेंडर व्यवसायिक उपयोग के लिए ही उपयोग हो। इससे सरकारी सब्सिडी बचती है और व्यवसायों को उचित कीमत पर गैस मिलती है।

हिन्द सेना के प्रदेश संयोजक तरुण नाथ योगी ने बालोद जिला खाद्य अधिकारी से अवैध घरेलू गैस सिलेंडर वितरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी से न केवल सरकार को नुकसान हो रहा है, बल्कि ईमानदार व्यवसायी भी प्रभावित हो रहे हैं।

व्यवसायिक प्रयोजन के लिए घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग पर विभागीय नियमों के अनुसार कड़ी कार्यवाही के नियम है। पहली बार पकड़े जाने पर ₹20,000 जुर्माना और गैस की कमीशन वाली कीमत वसूली जाती है। दोबारा उल्लंघन पर ₹50,000 तक का जुर्माना लगाया जाता है। इसके साथ ही अगर घरेलू गैस सिलेंडर का गलत इस्तेमाल पाया जाए, तो उस उपभोक्ता का सिलेंडर पंजीयन रद्द भी किया जा सकता है। तीसरी बार उल्लंघन पर गैस वितरक का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और कड़ी कानूनी कार्यवाही (जैसे एफआईआर दर्ज कराना) भी हो सकती है।

“घरेलू गैस सिलेंडर का व्यवसायिक प्रयोग घरेलू आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत दंडनीय अपराध माना जाता है।” जहाँ तक लापरवाही बरतने वाले फूड इंस्पेक्टरों की बात है, उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही होनी चाहिए जैसे चेतावनी, निलंबन या सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई ताकि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर रोक लग सके। वहीं खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से इस मामले पर पूछने पर वे बताते है कि समय समय पर होटलों, ढाबों और दुकानों पर नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाती है।

सरकार और विभागों को चाहिए कि नियमित निरीक्षण और सख्त निगरानी के जरिए नियमों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि घरेलू गैस सिलेंडर का गलत इस्तेमाल रुके।

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