जान जोखिम में डालकर तांदुला जलाशय के जल स्तर का आनंद ले रहे लोग…

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। तांदुला जलाशय, जो बालोद, बेमेतरा और दुर्ग जिलों के लिए जीवनदायिनी है, इन दिनों पानी से ओत-प्रोत हो चुका है। अभी इसका जल स्तर 36.15 फुट तक पहुंच गया है। पानी की इस भव्यता को देखने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से भारी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। लेकिन खतरनाक बात यह है कि लोग सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करते हुए जलाशय के नीचे तट पर उतरकर सेल्फी और वीडियो बनाने में व्यस्त हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा जलाशय के पास सुरक्षाकर्मी की नियुक्ति न होने के कारण कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। प्रशासन को चाहिए कि जलाशय और आसपास सुरक्षाकर्मी की नियुक्ति करने से पर्यटक स्वयं सुरक्षित महसूस करते है।
गुरुवार की शाम करीब साढ़े चार बजे से लोग परिवार सहित जलाशय के तट पर खतरनाक तरीके से उतर रहे हैं। जलाशय के किनारे फिसलन और गहरे पानी के कारण पैर फिसलने पर किसी के भी गिरने और डूबने की संभावना बनी रहती है। बावजूद इसके कोई भी प्रशासनिक सुरक्षा इंतजाम— जैसे पुलिस कर्मियों की तैनाती— इस मनोरम स्थल के आसपास नहीं है, जिससे लोग अपने जीवन को खतरे में डाल रहे हैं।
जलाशय के नीचे तट की हरियाली और पानी का स्तर इतने अधिक हैं कि यहां उतरना बेहद जोखिमभरा है। फिर भी लोग अपनी मर्जी से इस खतरनाक जगह पर जाकर मोबाइल से सेल्फी ले रहे हैं। प्रशासन द्वारा अभी तक कोई चेतावनी या प्रतिबंधात्मक कदम नहीं उठाए जाने से पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
स्थानीय लोग और पर्यटक इस मनोरम दृश्य को अपने कैमरे में कैद करने के लिए सुबह से ही तांदुला जलाशय पहुंच रहे हैं। यह मनोरम दृश्य जितना मनोहारी है, उतना ही लोगों के लिए जानलेवा भी बन सकता है। यहां एक भी पैर फिसला, और बड़े हादसे का खतरा आसन्न है।
प्रशासन से उम्मीद है कि जलाशय के सुरक्षा इंतजामों को कड़ा किया जाए, ताकि जान-माल की हानि से बचा जा सके। लोग भी सुझावों का पालन करते हुए अपने और अपने परिवार के जीवन की सुरक्षा करें और खतरनाक स्थानों पर जाने से बचें।