बलरामपुर

बाल अधिकारों पर हमला : बलरामपुर में प्राइमरी स्कूल टीचर ने तीन छात्राओं को डंडे से पीटा, 11 साल की कोरवा छात्रा घायल – डीईओ ने आरोपी शिक्षिका को किया सस्पेंड…

बलरामपुर। शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली घटना बलरामपुर जिले से सामने आई है। राजपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत लाऊ स्थित धमधमिया पारा प्राइमरी स्कूल में टीचर ने कक्षा में पढ़ रही तीन बच्चियों की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस अमानवीय व्यवहार में विशेष संरक्षित जनजाति की 11 वर्षीय छात्रा मुनिका कोरवा गंभीर रूप से घायल हो गई। छात्रा के घुटने में सूजन आ गई, जिसके बाद हेडमास्टर को उसे अस्पताल तक ले जाना पड़ा।

बातचीत करना पड़ा भारी, डंडे से पीटा :  28 अगस्त को पांचवीं कक्षा की छात्रा मुनिका कोरवा व उसकी दो सहपाठिनें कक्षा में आपस में बातचीत कर रही थीं। इसी पर सहायक शिक्षक (एलबी) ज्योति तिर्की ने लकड़ी के डंडे से उनकी पिटाई कर दी। डरे-सहमे बच्चे कुछ समझ पाते, इससे पहले ही मुनिका के घुटनों में सूजन आ गई और वह रोने लगी।

हेडमास्टर ने कराया इलाज : घटना के समय स्कूल के हेडमास्टर रामराज यादव किसी मीटिंग में गए हुए थे। लौटने पर जब उन्होंने बच्ची को दर्द से तड़पते और रोते देखा, तो तुरंत राजपुर अस्पताल ले गए। उपचार के बाद बच्ची को घर भेज दिया गया और बीईओ राजपुर आदित्य पाटनवार को पूरी जानकारी दी।

“बेटी पढ़ाई के लिए भेजते हैं, पिटाई के लिए नहीं” – पिता :  घटना के बाद से मुनिका स्कूल जाने से इंकार कर रही है। पिता कोईरा राम का कहना है, “हम अपनी बेटी को पढ़ने भेजते हैं, न कि मार खाने के लिए। आज तक का दर्द और डर उसके चेहरे पर साफ दिखाई देता है।”

जांच के बाद कार्रवाई – शिक्षिका सस्पेंड :  बीईओ ने मामले की जांच रिपोर्ट बलरामपुर डीईओ को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर सहायक शिक्षक ज्योति तिर्की को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय शंकरगढ़ निर्धारित किया गया है।


यह घटना न केवल शिक्षक-छात्र संबंधों की गरिमा को चोट पहुँचाती है, बल्कि विशेष संरक्षित जनजाति के बच्चों के मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला है। सवाल यह है कि शिक्षा के नाम पर बच्चों पर डंडा चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई कब तक सिर्फ निलंबन तक सीमित रहेगी?

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!