गणेश चतुर्थी पर गौ-मांस काटते युवती का वीडियो वायरल, बवाल में चार घायल – पुलिस की देरी ने बढ़ाई आग…

बिलासपुर। जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र में गणेश चतुर्थी के दिन गौ-मांस काटते हुए एक युवती का वीडियो सामने आते ही जमकर बवाल हो गया। गौ-रक्षक और स्थानीय लोग विरोध में उतरे तो आरोपी पक्ष ने लाठी-डंडों और हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में चार युवक बुरी तरह घायल हो गए। देर से पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन तब तक तनाव पूरे इलाके में फैल चुका था।
गौ-मांस काटने का वीडियो बना आग का कारण : बिल्हा के डोड़कीभाठा ओडिया मोहल्ले की एक युवती बुधवार को गौ-मांस काट रही थी। मोहल्ले के ही युवकों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जैसे ही यह खबर फैली, स्थानीय गौ-रक्षक भड़क उठे और मौके पर पहुंचे।

लेकिन विरोध जताने पहुंचे युवकों को मोहल्लेवालों का जबरदस्त प्रतिरोध झेलना पड़ा। देखते ही देखते लाठी-डंडे और हथियारों से हमला शुरू हो गया। इस हिंसक झड़प में चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस की देरी पर उठे सवाल : दोपहर में शुरू हुए इस बवाल की जानकारी पुलिस तक देर से पहुंची। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक शहर के गौ-रक्षा दल के कार्यकर्ता भी गांव में आ चुके थे और दोनों पक्ष आमने-सामने थे।
आक्रोशित गौ-रक्षक पीछे हटने को तैयार नहीं थे। भीड़ बढ़ती जा रही थी और हालात बेकाबू होते दिख रहे थे।
SSP ने भेजा अतिरिक्त बल : जैसे ही घटना की जानकारी एसएसपी रजनेश सिंह तक पहुंची, सकरी, हिरी और चकरभाठा थाना क्षेत्रों से अतिरिक्त बल मौके पर भेजा गया। डीएसपी डीआर टंडन समेत पुलिस अफसरों ने गौ-रक्षकों को समझाइश देकर शांत कराया और थाने ले जाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
युवती हिरासत में, गौ-मांस जब्त : पुलिस ने मौके से गौ-मांस का कुछ हिस्सा जब्त किया है। युवती समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। डीएसपी टंडन ने पुष्टि की कि गौ-रक्षकों की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है।
विरोधियों का आरोप -“धार्मिक भावनाओं पर हमला” : गौ-रक्षक युवकों का कहना है कि उन्होंने पहले ही बिल्हा पुलिस को गौ-मांस काटे जाने की जानकारी दी थी। खासकर गणेश चतुर्थी जैसे पवित्र पर्व के दिन इस तरह की हरकत धार्मिक भावनाओं को आहत करती है। लेकिन पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी वजह से हालात बिगड़ गए।
मोहल्लेवालों की दलील – “मरा हुआ पशु काट रहे थे” : दूसरी ओर, मोहल्लेवालों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने गाय की हत्या नहीं की, बल्कि मरी हुई गाय का मांस निकाला। उनका यही पेशा है और इसे लेकर स्थानीय युवकों ने जानबूझकर विवाद खड़ा किया है।
- सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पुलिस को समय रहते शिकायत मिल गई थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- क्या गणेश चतुर्थी जैसे पर्व पर संवेदनशील इलाकों में पुलिस की सतर्कता नहीं बढ़ाई जानी चाहिए थी?
- और क्या यह मामला सिर्फ धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी छिपी है?
बिल्हा की इस घटना ने न केवल शहर को दहला दिया है बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।