बिलासपुर

बिलासपुर : ‘अवैध संबंध’ के शक ने बनाया ‘नरभक्षी’ ; सलीम नहीं मिला तो उसके पूरे कुनबे को लहूलुहान किया, 3 हत्यारों का रूह कंपाने वाला तांडव!…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पेंडरवा गांव में बुधवार को खून की ऐसी होली खेली गई जिसे देख रूह कांप जाए। एक ही परिवार के 7 लोगों पर तलवारों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया। इस खूनी संघर्ष में 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की न केवल गला रेत कर हत्या की गई, बल्कि दरिंदगी की हद पार करते हुए उनकी आंख तक निकाल ली गई।

वारदात की मुख्य वजह : ‘अवैध संबंध’ का शक – घटना के पीछे की मुख्य वजह प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिश बताई जा रही है। मुख्य आरोपी नरेश श्रीवास को शक था कि उसकी पत्नी का संबंध गांव के ही शेख सलीम नाम के युवक से है। इसी शक के चलते दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से तनाव व्याप्त था।

हमले का खौफनाक मंजर : “गाजर-मूली की तरह काटा” – जानकारी के अनुसार, आरोपी नरेश श्रीवास अपने दो बेटों के साथ शेख सलीम को मारने उसके घर पहुँचा था। सलीम के घर पर न मिलने के कारण हमलावरों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और उन्होंने घर में मौजूद मासूमों और महिलाओं पर हमला बोल दिया।

  • चश्मदीद घायल छात्रा के मुताबिक : “हमलावर हाथ में तलवारें लेकर आए थे। उन्होंने हमें इंसान नहीं, बल्कि गाय-बकरी की तरह काटना शुरू कर दिया। जो भी सामने आया, उसे लहूलुहान कर दिया। मेरी दादी (मुराद बी) को बेरहमी से मारकर उनकी आंखें निकाल लीं।”
  • घायलों की स्थिति : इस हमले में परिवार के 7 सदस्य – रेहाना बेगम, शहनाज बेगम, शेख सुहान, परी परवीन, अलीशा परवीन, सना परवीन और साहिस्ता परवीन—गंभीर रूप से घायल हैं। सभी का इलाज अस्पताल में जारी है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

अपराध के बाद सरेंडर और पुलिस की कार्रवाई – ​वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी नरेश श्रीवास और उसके दोनों बेटों ने खुद ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

“आरोपी शेख सलीम और चांदी खान को मारने आए थे, उनके न मिलने पर परिवार पर हमला किया गया। हमले में बुजुर्ग महिला की मौत हो गई है। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और गांव में पुलिस बल तैनात है।”

रजनेश सिंह, एसएसपी, बिलासपुर

पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप – ​पीड़ित पक्ष ने प्रशासन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि इस वारदात को रोका जा सकता था। पीड़ितों का दावा है कि वे पहले भी शिकायत लेकर पुलिस के पास गए थे, लेकिन “राज्यपाल का दौरा है” कहकर पुलिस ने उनकी बात अनसुनी कर दी।

गाँव में पसरा सन्नाटा, सुरक्षा सख्त – ​इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पेंडरवा गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। तनाव को देखते हुए प्रशासन पूरी सावधानी बरत रहा है। यह घटना समाज में बढ़ते आक्रोश और ‘संदेह’ के घातक परिणामों की एक भयानक चेतावनी है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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