बिलासपुर में भू-माफियाओं के ‘साम्राज्य’ पर चला निगम का बुलडोजर : 50 एकड़ की अवैध कॉलोनी जमींदोज…

बिलासपुर। न्यायधानी के खमतराई स्थित शिवा विहार कॉलोनी में अवैध प्लॉटिंग के खेल को नगर निगम ने पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे के कड़े तेवरों के बाद निगम की टीम ने भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ दबिश दी। करीब 50 एकड़ के विशाल रकबे में बिना किसी अनुमति के बेचे जा रहे सपनों के अवैध सौदागरों पर निगम का पंजा ऐसा चला कि देखते ही देखते करोड़ों का अवैध निर्माण मलबे में तब्दील हो गया।
कार्रवाई का लेखा-जोखा: क्या-क्या हुआ ध्वस्त? – जांच में पाया गया कि भू-माफियाओं ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नियमों को ताक पर रखकर यहाँ सड़कें और नालियां तक बिछा दी थीं। निगम की टीम ने मौके पर:
- 30 से अधिक बाउंड्रीवाल को ढहाया।
- अवैध रूप से बिछाई गई सीसी सड़कों को उखाड़ा।
- 50 से ज्यादा प्लिंथ लेवल के निर्माणों को मलबे में बदला।
- 300 से अधिक अवैध प्लॉट जो बिक्री के लिए तैयार थे, उनका अस्तित्व मिटाया।
मानवता का परिचय : कार्रवाई के दौरान निगम ने उन 18 मकानों को हाथ नहीं लगाया जिनमें परिवार रह रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि इन पर अलग से वैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।
भू-माफियाओं की ‘मास्टरमाइंड’ चाल : रजिस्ट्री का नया खेल – इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला खुलासा माफियाओं के काम करने के तरीके को लेकर हुआ है। जांच में सामने आया कि भू-माफिया बेहद शातिर तरीके से कानूनी जाल से बच रहे थे:
- डायरेक्ट रजिस्ट्री : माफिया किसानों से जमीन सौदा करते थे, लेकिन अपने नाम रजिस्ट्री नहीं कराते थे।
- कागजों से गायब : सीधे खरीदार और किसान के बीच रजिस्ट्री कराई जाती थी, ताकि दस्तावेजों में किसी बिल्डर या माफिया का नाम न आए।
- पकड़ से बाहर : इस चालाकी की वजह से मौके पर किसी भी स्पष्ट डेवलपर का नाम रिकॉर्ड में नहीं मिल पाया है।
राजस्व रिपोर्ट : 25 खसरों में बटांकन – राजस्व विभाग की रिपोर्ट रोंगटे खड़े करने वाली है। खसरा नंबर 256/1 से 421/2 तक की जमीन को किसी केक की तरह छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दिया गया।
- रकबा : लगभग 1.15 हेक्टेयर (सरकारी कागजों में) लेकिन मौके पर खेल 50 एकड़ तक फैला।
- बटांकन : एक-एक खसरे को 8 से लेकर 32 हिस्सों तक बांटा गया।
- दागी नाम : नरेंद्र पटेल, धर्मेंद्र पटेल, लोकेश पटेल, राजेश कश्यप और ईश्वरी यादव समेत कई भू-स्वामियों के नाम सरकारी रडार पर हैं।
अधिकारियों की चेतावनी – भवन अधिकारी अनुपम तिवारी ने स्पष्ट किया कि निगम आयुक्त के निर्देश पर यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि बिना ‘टाउन एंड कंट्री प्लानिंग’ (T&CP) और ‘नगर निगम’ की एनओसी (NOC) देखे किसी भी झांसे में न आएं, वरना उनकी मेहनत की कमाई पर भी निगम का बुलडोजर चल सकता है।
सावधान! शिवा विहार में पहले भी हुई थी कार्रवाई, लेकिन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने मलबे पर फिर से अवैध निर्माण खड़ा कर दिया था। इस बार निगम ने जड़ से उखाड़ने की तैयारी कर ली है।



