बिलासपुर

सनसनीखेज : खैरागढ़ की ‘देविका’ की मौत या सोची-समझी हत्या? बिलासपुर के ट्रैक पर मिली लाश, सुलग रहे हैं कई सवाल!…

खैरागढ़/बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में बेटियों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। खैरागढ़ के चिचोला की रहने वाली 14 साल की मासूम देविका वर्मा का शव घर से कोसों दूर बिलासपुर के रेलवे ट्रैक पर लहूलुहान हालत में मिला है। यह मामला महज एक हादसा है या किसी दरिंदगी का खौफनाक अंजाम? इस सवाल ने पूरे जिले में आक्रोश की आग भड़का दी है।

सुर्खियां जो झकझोर देंगी :

  • आधी रात को गायब, दो दिन बाद मिली लाश : 28 मार्च की रात ऐसा क्या हुआ कि हंसती-खेलती 8वीं की छात्रा गायब हो गई?
  • खैरागढ़ से बिलासपुर का सफर… मौत के साथ? एक मासूम बच्ची अकेले इतनी दूर कैसे पहुँची? क्या उसका अपहरण किया गया था?
  • खाकी पर सवाल : जब माता-पिता रिपोर्ट दर्ज कराने भटक रहे थे, तब पुलिस क्या कर रही थी?

वारदात का वो खौफनाक मंजर – मृतक देविका, जिसके पिता स्कूल में स्वीपर और माँ आंगनबाड़ी में रसोइया हैं, अपने परिवार की लाड़ली थी। 28 मार्च की रात 10:30 बजे वह घर में थी, लेकिन उसके बाद वह कहाँ गई और किसके साथ गई, यह अब भी एक गहरा राज बना हुआ है। 29 मार्च को बिलासपुर के मस्तूरी में रेलवे ट्रैक पर उसकी लाश मिली, लेकिन शिनाख्त होने में 48 घंटे लग गए।

⚠️ ये 3 सवाल जो पुलिस की नींद उड़ा देंगे :

  • लोकेशन का रहस्य : चिचोला (खैरागढ़) से बिलासपुर की दूरी लगभग 150-170 किमी है। एक 14 साल की बच्ची आधी रात को वहां कैसे पहुँच सकती है बिना किसी की मदद के?
  • पुलिस की सुस्ती : परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती घंटों में गंभीरता नहीं दिखाई। क्या पुलिस की देरी ने एक जिंदगी और सबूतों को खत्म कर दिया?
  • हादसा या साज़िश : शव रेलवे ट्रैक पर मिला है – यह खुदकुशी दिखाने की कोशिश है या चलती ट्रेन से फेंकने की साजिश?

आक्रोश की लहर : ‘हमें इंसाफ चाहिए!’ – 31 मार्च को जब परिजनों ने अपनी बेटी की निर्जीव देह देखी, तो कोहराम मच गया। गांव में मातम के साथ-साथ भारी तनाव है। ग्रामीणों और परिजनों का साफ कहना है कि जब तक दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हो जाता, वे शांत नहीं बैठेंगे।

“मेरी बेटी खुद वहां नहीं जा सकती, उसे मारा गया है!” – बदहवास पिता की चीखें व्यवस्था से सवाल पूछ रही हैं।

पुलिस का दावा : पोस्टमार्टम खोलेगा राज – मामले में FIR दर्ज हो चुकी है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सहारे है। अधिकारियों का कहना है कि वे हर संदिग्ध मोबाइल नंबर और सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रहे हैं। लेकिन सवाल वही है— क्या देविका को इंसाफ मिलेगा?

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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