खाकी पर कलंक : मासूम की मौत का ‘सौदा’ करने वाले SI और ASI गिरफ्तार…

कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहाँ एक ओर गरीब मजदूर अपने मासूम बच्चे को खोने के गम में डूबा था, वहीं कानून के रखवाले उस मौत की फाइल को दबाने के लिए ‘बोली’ लगा रहे थे। एसीबी (ACB) अंबिकापुर की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बचरापोड़ी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक (SI) को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया है।
मासूम की जान और सिस्टम की निर्दयता : घटना की शुरुआत तब हुई जब प्रार्थी सत्येन्द्र कुमार प्रजापति के घर पर ईंट बनाने का काम चल रहा था। वहाँ खोदे गए एक गड्ढे में पानी भर जाने के कारण मजदूर मोहित घसिया के बेटे की डूबने से मौत हो गई। इस दुखद हादसे पर संवेदना दिखाने के बजाय, चौकी के पुलिस अधिकारियों ने इसे अवैध वसूली का जरिया बना लिया।
रिश्वत का ‘खेल’ और ट्रांसफर के बाद भी लालच : जांच के नाम पर सहायक उप निरीक्षक (ASI) गुरु प्रसाद यादव ने प्रार्थी सत्येन्द्र प्रजापति को डराया और मामले को रफा-दफा करने के लिए 50,000 रुपये की मांग की। 22 फरवरी 2026 को आपसी बातचीत के बाद रिश्वत की रकम 25,000 रुपये तय की गई।
हैरानी की बात यह रही कि एएसआई गुरु प्रसाद यादव का तबादला होने के बाद भी भ्रष्टाचार का यह नेटवर्क चालू रहा। नए चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ ने पद संभालते ही इस ‘अधूरे सौदे’ को पूरा करने का जिम्मा उठाया और प्रार्थी को पैसे लेकर चौकी बुलाया।
ACB का शिकंजा : रंगे हाथों गिरफ्तारी – भ्रष्टाचार से तंग आकर प्रार्थी ने एसीबी अंबिकापुर की शरण ली। रणनीति के तहत जैसे ही सत्येन्द्र प्रजापति ने चौकी में उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ को 25,000 रुपये की रिश्वत थमाई, घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
कार्यवाही के मुख्य बिंदु :
- आरोपी : उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ और सहायक उप निरीक्षक गुरु प्रसाद यादव।
- धाराएं : दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PCA) 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- गिरफ्तारी : मुख्य आरोपी अब्दुल मुनाफ को रिश्वत लेते हुए और गुरु प्रसाद यादव को साजिश रचने/रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई उन भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो पद की गरिमा भूलकर आम जनता का शोषण करते हैं।


