“IPS रजनेश सिंह बने SSP : नक्सलवाद, आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले जांबाज अफसर को बड़ा इनाम!”

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा के सबसे धाकड़ और तेजतर्रार आईपीएस अफसर रजनेश सिंह को आखिरकार उनका हक मिल गया! सरकार ने उन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर पदोन्नत कर दिया है। उनकी यह पदोन्नति 1 जनवरी 2025 से प्रभावी मानी जाएगी और अब उनका वेतनमान ₹1,23,100 – ₹2,15,900 होगा।
सरकार की गलती सुधरी, अफसर की काबिलियत के आगे झुका सिस्टम : हाल ही में 13 वर्षों की सेवा पूरी करने वाले आठ आईपीएस अफसरों की पदोन्नति की गई थी, लेकिन तकनीकी खामी के चलते 2012 बैच के IPS रजनेश सिंह का नाम सूची से गायब था। जैसे ही यह मामला सामने आया, सरकार पर चौतरफा दबाव बढ़ गया और अंततः 18 मार्च 2025 को गृह (पुलिस) विभाग के सचिव हिम शिखर गुप्ता ने संशोधित आदेश जारी कर दिया।
IPS रजनेश सिंह का नाम नक्सलवाद, आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करने वाले अधिकारियों में शुमार है। उनकी कार्यशैली हमेशा से अपराधियों और भ्रष्ट तंत्र के लिए खौफ का पर्याय रही है।
🔥 बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा खोलकर कई बड़े ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
🔥 आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) में रहकर पटना-बोधगया ब्लास्ट के आतंकियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
🔥 भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में बड़े घोटाले उजागर कर कई सफेदपोशों की पोल खोली।
🔥 2017 में साहसिक सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित।
छत्तीसगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “IPS रजनेश सिंह की यह पदोन्नति सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि उनके साहस, नेतृत्व और जबरदस्त एक्शन का इनाम है। वह जहां भी तैनात होते हैं, अपराधियों की नींद उड़ जाती है!” IPS रजनेश सिंह की नई तैनाती के बाद आपराधिक और भ्रष्ट तत्वों में हड़कंप मच गया है। अब सवाल उठता है कि SSP के रूप में वह किन अपराधों पर पहला प्रहार करेंगे? पुलिस महकमे से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता संगठित अपराध, नक्सलवाद और भ्रष्टाचार पर तगड़ा वार करना होगा।