बलरामपुर-रामानुजगंज

बलरामपुर : जादू-टोने के शक में 65 वर्षीय विधवा की नृशंस हत्या! पहले आंख में घोंपा लकड़ी, फिर सिर कुचलकर मार डाला ;आरोपी गिरफ्तार…

बलरामपुर। अंधविश्वास की आग में झुलसे एक व्यक्ति ने जादू-टोना के संदेह में 65 वर्षीय विधवा की बेरहमी से हत्या कर दी। दिल दहला देने वाली यह वारदात जिले के चांदो थाना क्षेत्र के ग्राम नवाडीहकला पियारटोली में घटी। आरोपी बोडरा उर्फ रूपदेव नाग को शक था कि वृद्धा तिलासो नाग के जादू-टोने की वजह से उसके बेटे की आंखों की रोशनी चली गई। इसी अंधविश्वास के चलते उसने महिला को मौत के घाट उतार दिया।

निर्ममता की हद पार, पहले आंख में घोंपा नुकीला लकड़ी फिर सिर कुचल दिया : आरोपी रूपदेव नाग ने पहले वृद्धा की आंख में नुकीली लकड़ी घोंप दी और फिर ईंट से सिर व चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देकर आरोपी ने घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और फरार हो गया।

मृतका का दामाद पहुंचा तो खुला खौफनाक सच : मृतका का दामाद कलेश्वर नाग अपनी पत्नी का प्रसव कराने अंबिकापुर गया हुआ था। 24 फरवरी को उसे फोन पर सास की मौत की सूचना मिली। जब वह अपने गांव लौटा तो देखा कि घर का दरवाजा बाहर से बंद था और सिकड़ी लगी हुई थी। अंदर घुसने पर खौफनाक मंजर दिखा—सास मृत अवस्था में पड़ी थी, सिर और चेहरे पर गहरी चोट के निशान थे।

अंधविश्वास बना हत्या की वजह : पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रूपदेव नाग के तीन बच्चे थे। बीते दो वर्षों में उसके एक बेटे और एक बेटी की अलग-अलग दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी थी—एक सड़क हादसे में और दूसरा पानी में डूबकर। उसका तीसरा बेटा भी आंखों की रोशनी खोने लगा, जिससे वह अंदर ही अंदर परेशान था। अंधविश्वास के जाल में फंसे रूपदेव ने मान लिया कि यह सब तिलासो नाग के जादू-टोने का असर है और उसने बेरहमी से उसकी जान ले ली।

आरोपी गिरफ्तार, गांव में दहशत : घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस नृशंस हत्या के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। लोग डरे हुए हैं और अंधविश्वास से उपजे इस जघन्य अपराध की निंदा कर रहे हैं।

Ambika Sao

( सह-संपादक : छत्तीसगढ़)
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