ग्रामीणों द्वार चोरी कर रहे युवक को पुलिस के हवाले किया, वही डौंडी पुलिस ने उसे छोड़ दिया
पुलिस को आता देख चोर द्वारा बेहोश होने का नाटक किया जाने लगा

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद/डौंडी। बालोद जिले के आदिवासी विकासखंड डौंडी क्षेत्र के ग्राम नर्राटोला में दिनांक 17 सितंबर 2024 को दिनदहाड़े दो घरों में चोरी की घटना हुई है। अज्ञात चोर ने एक घर पर चोरी वारदात को अंजाम दे दिया है, वही दूसरे घर पर चोरी करते रंगे हाथ पकड़कर ग्रामीणों ने चोर को पुलिस के हवाले कर दिया गया, लेकिन डौंडी पुलिस थाना प्रभारी ने रात में ही चोर को बा-इज्जत जाने दिया। मामला बालोद जिले के डौंडी थानांतर्गत ग्राम नर्राटोला का है जहां गांव के गणेशोत्सव की धूम में ग्रामीण भगवान गणेश की पूजा अर्चना में लगे हुए थे और अपने आराध्य को मनाने में लगे हुए थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनके घर का ताला तोड़ चोर घर के कीमती सामान पर हाथ फेरने घुसेगा।
ग्राम नर्राटोला के तारम पारा में ईश्वर नायक के घर चोरी करने की नीयत से चोर घुस आया था। वही घर के सभी सदस्य गणेश पंडाल में गए हुए थे। चोर के द्वारा घर के ताले को तोड़ अंदर घुसकर अलग अलग कमरों में छानबीन में जुटा हुआ था तभी किसी काम से ईश्वर नायक के छोटे बेटे तिलेश्वर नायक घर में किसी काम के सिलसिले में घुसा तो देखता है कि घर के अंदर कोई अनजान व्यक्ति मौजूद है। जिसके बारे में पूछने पर उसके द्वारा कहा गया कि राजहरा गैस एजेंसी की तरफ से आया हूं। वही तिलेश्वर नायक द्वारा कहने पर कि मेरे घर में कैसे घुस गए हो तो चोर अचानक भागने लगा। जिसके बाद तिलेश्वर नायक ने उसे पकड़ा और आसपास आवाज लगाकर गांव वालो को एकत्रित किया। जिसके बाद ग्रामीणों के द्वारा चोर की पिटाई कर उसका नाम पता पूछने की कोशिश की गई और डौंडी पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस को आता देख चोर द्वारा बेहोश होने का नाटक किया जाने लगा जिसके बाद उसे स्थानीय शासकीय अस्पताल में डाक्टरी मुलाईजा हेतु रखा गया। ग्राम नर्राटोला के ग्रामीणों चोर को पुलिस के सुपुर्द कर अपने गांव लौट गए। लेकिन डौंडी पुलिस ने रात में ही चोर को बालोद रिफर के नाम पर जाने दिया। लेकिन चोर बालोद के किसी अस्पताल में नही है। वही चोर के मोबाईल और मोटर साइकिल को डौंडी पुलिस ने जप्त कर रखा है। वही डौंडी पुलिस चोर का नाम व पता भी नही बता पा रही है।
ग्रामीणों द्वारा चोर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर अपने कर्तव्य को पूरा किया लेकिन डौंडी पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती चोर की निगरानी भी नही की गई। वही डौंडी थाना प्रभारी मुकेश सिंह से पूछने पर उनके द्वारा कहा गया कि थाने में चोरी की रिपोर्ट ही नही लिखी गई थी। वही डौंडी के कुछ पत्रकारों द्वारा अस्पताल में जाकर चोर की फोटो खींचने की कोशिश की गई तो वहां मौजूद डौंडी पुलिस के सिपाही ने पत्रकारों को चोर की फोटो खींचने से मना कर दिया गया। चोरी करने की नीयत से घुसे संदिग्ध चोर को पकड़ कर पुलिस को सौंपा था वही डौंडी पुलिस ने इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की। हमने इस संबंध में बालोद एसपी से बात की तो उन्होंने जांच कर कार्यवाही का आश्वासन दिया है। वही राजहरा नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. चित्रा वर्मा ने पत्रकारों द्वारा आरोपी की फोटो खींचने से मना करने पर डौंडी थाना प्रभारी मुकेश सिंह को फटकार लगाई और कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ है अतः उन्हें रोक टोक ना किया करें।
विदित हो कि ग्राम नर्राटोला में दिनांक 17 सितंबर दो घरों में चोर ने दस्तक दे दिया। पहले मामले में हेमंत गौर की माता सतरूपा गौर ने बताया कि गांव के उनके घर अज्ञात चोर ने आलमारी व संदूक का ताला तोड़कर सोने चांदी का जेवरात, नगदी रकम पर हाथ साफ कर रफूचक्कर हो गया। दूसरे मामले में ही शाम के समय ग्राम नर्राटोला में ही चोरी के आरोप में युवक को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया वही पुलिस द्वारा आरोपी को स्थानीय शासकीय अस्पताल में डाक्टरी मुलाहिजा हेतु रखा और आरोपी युवक के परिजनों को सूचना देकर बुलाया गया। युवक की हालत को देखते हुए बालोद जिला अस्पताल रेफर की बात पर पुलिस ने आरोपी को ईलाज हेतु परिजनों के सुपुर्द कर दिया। खबर है कि चोर और उनके परिजन जिला अस्पताल बालोद में कदम ही नहीं रखे है। जिससे तरह तरह के सवाल उठ रहे है। क्या युवक ठीक हो गया था इसलिए बालोद अस्पताल नही पहुंचा। क्या परिजन जानबूझकर पुलिस से बहाना बनाकर उसे ले गए। जबकि चोरी के आरोपी युवक के शरीर में कही भी चोट के निशान नही थे। ऐसे आलम में पुलिस द्वारा चोर को अपने कस्टडी में ना रखकर परिजनों के सुपुर्द करने की बात किसी के गले नही उतर रही है। वही आरोपी को पकड़कर उसकी हालत व किए जा रहे एक्टिंग को देखते हुए पुलिस द्वारा उसे सीधे शासकीय अस्पताल लाकर उपचार व डाक्टरी मुलाहिजा हेतु रखा गया। जिसके बाद उसे बालोद जिला अस्पताल रेफर करने की बात पुलिस द्वारा कही गई। लेकिन सूत्र बता रहे कि युवक को बालोद जिला अस्पताल ले जाया ही नहीं गया है। सूत्रों के अनुसार डौंडी ब्लाक के विभिन्न ग्रामों में एक महीने के भीतर लगातार चोरी की वारदात हुई है। जिसकी रिपोर्ट पीड़ितों ने नही लिखाया है या पुलिस ने ही नही लिखी है और जब चोर को चोरी करते पकड़े जाने पर पुलिस के हवाले किया जाता है तो पुलिस खुद चोर को परिजनों के हवाले कर रही है। वही ग्राम नर्राटोला के ग्रामीणों ने डौंडी पुलिस के प्रति आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस द्वारा जल्द चोर को गिरफ्तार नही किया गया तो वे थाने का घेराव करने पर मजबूर होंगे।