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रायपुर: छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में किसानों, उद्योगों और कला जगत के लिए महत्वपूर्ण फैसले…

रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के विकास और कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इन निर्णयों का उद्देश्य किसानों, कलाकारों, युवाओं, उद्योगों और अन्य सामाजिक समूहों के हितों को सुनिश्चित करना है।
- किसानों को मिलेगा 3100 रुपये प्रति क्विंटल, अंतर राशि का भुगतान फरवरी में :प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस वर्ष भी समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले लगभग 27 लाख किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल के दर से भुगतान किया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है, और अंतर राशि 800 रुपये छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को आदान सहायता के रूप में एकमुश्त फरवरी 2025 में प्रदान करेगी। इस फैसले से किसानों को उनके मेहनत का उचित मूल्य मिलेगा और उनके आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- अतिशेष धान की ऑनलाइन नीलामी :कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में उपार्जित अतिशेष धान की नीलामी ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। इससे न केवल प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी, बल्कि किसानों को अपनी उपज सही मूल्य पर बेचने का अवसर भी मिलेगा।
- औद्योगिक राहत पैकेज – मिनी स्टील प्लांट्स को 1 रुपये प्रति यूनिट की छूट :छत्तीसगढ़ राज्य के उद्योगों, विशेष रूप से मिनी स्टील प्लांट्स को राहत देने के लिए कैबिनेट ने एक अहम निर्णय लिया। औद्योगिक मंदी और आर्थिक संकट को देखते हुए, राज्य सरकार ने एचवी-4 श्रेणी के मिनी स्टील प्लांट्स और स्टील उद्योगों को 1 रुपये प्रति यूनिट की छूट देने का निर्णय लिया है। यह छूट 01 अक्टूबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक लागू रहेगी, जिससे इन उद्योगों की प्रतिस्पर्धा में बने रहने और आर्थिक मंदी से उबरने में मदद मिलेगी।
- राज्य के कलाकारों के लिए आर्थिक सहायता राशि में वृद्धि : कला और संस्कृति के क्षेत्र में राज्य के योगदान को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने कलाकारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। अब राज्य के कलाकारों को 25,000 रुपये की जगह अधिकतम 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, यदि कोई कलाकार दिवंगत होता है, तो उनके परिजनों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह निर्णय राज्य में कला के संरक्षण और प्रोत्साहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- युवाओं के लिए वित्तीय शिक्षा कार्यक्रम :राज्य सरकार ने युवाओं को वित्तीय बाजारों, निवेश और वित्तीय नियोजन के क्षेत्र में आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इस स्किलिंग प्रोग्राम के तहत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के साथ एमओयू साइन किया गया है। यह कार्यक्रम हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए होगा, जिससे उन्हें भविष्य में बेहतर वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता मिलेगी।
- स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 5 एकड़ भूमि का आवंटन :नवा रायपुर अटल नगर में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए श्री सत्य सांई हेल्थ एवं एजुकेशन ट्रस्ट को 5 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
- ‘The Art of Living Centre’ के लिए भूमि आवंटन :राज्य सरकार ने नवा रायपुर अटल नगर में “The Art of Living Centre” की स्थापना के लिए 40 एकड़ भूमि रियायती दर पर आवंटित करने का निर्णय लिया है। इस केन्द्र के निर्माण से न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य में योग और ध्यान के क्षेत्र में भी नई दिशा मिलेगी।
- 5 साल से अधिक समय से नहीं बिके आवासीय संपत्तियों पर छूट :छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा निर्मित 5 साल से अधिक समय से बिकने वाली आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को 10-30 प्रतिशत छूट देकर बेचा जाएगा। इस निर्णय से राज्य में शहरी विकास और आवासीय परियोजनाओं में तेजी आएगी और लोग किफायती दरों पर घर खरीदने में सक्षम होंगे।
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.32 लाख हितग्राहियों को लाभ :प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत 1.32 लाख हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए 3938.80 करोड़ रुपये की अनुदान राशि को मंजूरी दी गई है। इसमें अनिवार्य राज्यांश 1450 करोड़ रुपये और अतिरिक्त राज्यांश 538 करोड़ रुपये शामिल हैं, जो मकान पूर्ण होने या गृह प्रवेश पर दिया जाएगा।
- महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट निर्माण का कार्य : राज्य सरकार ने महिला स्व-सहायता समूहों के हित को ध्यान में रखते हुए रेडी टू ईट निर्माण का कार्य सौंपने का निर्णय लिया है। पहले चरण में यह कार्य 5 जिलों में शुरू होगा, जिससे महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
- पंचायती राज अधिनियम में संशोधन :त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व और आरक्षण संबंधी प्रावधानों में संशोधन किए जाने के लिए समयावधि बढ़ाई गई है। यह कदम पंचायतों में सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करेगा।
इन फैसलों से छत्तीसगढ़ राज्य में किसानों, कलाकारों, युवाओं, उद्योगों और अन्य सामाजिक समूहों के लिए सकारात्मक बदलाव आएगा, जिससे राज्य का समग्र विकास और सामाजिक समृद्धि सुनिश्चित होगी।