रायगढ़

रायगढ़ : विद्युत सब-स्टेशन के स्टोर रूम में भीषण आग, सरकार ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश…

रायगढ़। जिला मुख्यालय स्थित कोतरा रोड के विद्युत सब-स्टेशन से लगे स्टोर रूम में लगी भीषण आग के बाद हड़कंप मच गया। आग बुझाने के बाद अब राज्य सरकार ने इस घटना की गहराई से जांच के आदेश दिए हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आग लगने के असली कारण क्या थे, इसमें किसकी लापरवाही थी और विभाग को कितना नुकसान हुआ है।

इस जांच के लिए राजधानी रायपुर से चार सदस्यीय उच्च स्तरीय टीम आज सुबह ही रायगढ़ पहुंच चुकी है। टीम में अतिरिक्त मुख्य अभियंता के. एस. भारती, मुख्य अतिरिक्त बिलासपुर ए. के. अंबस, एजीएम वित्त रायपुर गोपाल मूर्ति, और सीएसपीडीसीएल रायगढ़ के श्री रायकवार मंडवा शामिल हैं। इनके साथ बिलासपुर के भी कुछ अधिकारी जांच में मदद कर रहे हैं।

जांच टीम ने घटनास्थल पर लिया जायजा : जांच दल ने सबसे पहले घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। चारों तरफ जले हुए ट्रांसफार्मर, अधजले केबल बंडल और तारों के ढेर पड़े हुए थे। इसके अलावा, बच गए ट्रांसफार्मरों का भी आंकलन किया जा रहा है। जांच टीम ने इस बात पर विशेष ध्यान दिया कि आग बाउंड्रीवाल के अंदर तक पहुंची कैसे? क्या यह दुर्घटना थी, या फिर किसी की लापरवाही या साजिश का नतीजा?

शुरुआती जांच में हुआ बड़ा खुलासा : अतिरिक्त मुख्य अभियंता के. एस. भारती ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आग बाहर से पत्तों में लगकर अंदर पहुंची थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां केवल खराब और पुराने ट्रांसफार्मर रखे हुए थे, नया सामान कुछ भी नहीं था। आगजनी में 300 से अधिक खराब ट्रांसफार्मर और 10 से 12 बंडल केबल जल चुके हैं। फिलहाल, कुल नुकसान का सही आंकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस घटना में विभाग को भारी आर्थिक क्षति हुई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि स्टोर रूम के अंदर रखे नए ट्रांसफार्मर सुरक्षित बचा लिए गए।

फायर ब्रिगेड की टीम ने घंटों मशक्कत कर पाया आग पर काबू: आग की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और औद्योगिक संस्थानों से आई फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यदि आग और फैलती, तो यह पूरी व्यवस्था को भारी संकट में डाल सकती थी।

आगजनी के पीछे लापरवाही या कोई साजिश? दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई : अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आग लगने के पीछे क्या सिर्फ लापरवाही थी, या फिर यह कोई सोची-समझी साजिश? जांच दल ने संकेत दिए हैं कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आग लगने की घटना से हड़कंप, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल : इस घटना ने विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यहां पहले से सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए गए होते, तो शायद यह हादसा टल सकता था।

एक हफ्ते में आएगी जांच रिपोर्ट : जांच टीम ने कहा है कि पूरी जांच प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी, और इसके बाद सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अब देखना यह होगा कि इस आगजनी की असली वजह क्या थी और क्या कोई बड़ी लापरवाही सामने आती है?

Ambika Sao

( सह-संपादक : छत्तीसगढ़)
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