रायगढ़ : बैंक में नौकरी का सपना दिखाकर 11 लोगों से 44 लाख की ठगी, चक्रधर नगर पुलिस ने दर्ज किया मामला…

रायगढ़। बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं के सपनों को ठगों ने फिर छलनी कर दिया। बैंक में नौकरी लगाने का झांसा देकर 11 लोगों से 44.20 लाख रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ितों की शिकायत पर चक्रधर नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
रंजीत चौहान का बड़ा फर्जीवाड़ा : ग्राम जुर्डा निवासी उत्तम कुमार प्रधान (37) को नौकरी की तलाश के दौरान डुमरपाली निवासी रंजीत कुमार चौहान मिला। रंजीत ने खुद को बैंक में ऊंचे पदों पर पकड़ रखने वाला बताया और कहा कि वह सरकारी बैंक में अच्छी नौकरी दिलवा सकता है। नौकरी के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग की गई। ठगी के इस खेल में पहले उत्तम ने 9.10 लाख रुपये रंजीत के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उत्तम ने अपने कुछ परिचितों को भी इस झांसे में डाल दिया।
11 लोगों से 44 लाख ठगे : रंजीत ने शातिर तरीके से सभी पीड़ितों को भरोसे में लिया और कहा कि सभी की रकम एक ही खाते से ट्रांसफर होनी चाहिए। ऐसे में छत्रपाल पटेल, कर्णकार कुमार, बसंत सारथी, राजू कश्यप, बलराम बेहरा, सागरिका त्रिपाठी, तरूण कुमार गुप्ता, प्रवीण केसरवानी, गजानन पटेल और पूजा यादव ने अपनी रकम उत्तम के खाते में ट्रांसफर कर दी। 22 अप्रैल 2022 से 26 जुलाई 2023 के बीच उत्तम कुमार प्रधान के खाते से 44.20 लाख रुपये रंजीत के खाते में भेजे गए।
फर्जी नियुक्ति पत्र से हुआ भंडाफोड़ : 2023 में कुछ पीड़ितों को छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के असिस्टेंट जनरल मैनेजर के नाम से नियुक्ति पत्र मिला, जिसमें 22 अगस्त 2023 को रायपुर बैंक मुख्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश था। उत्तम, बसंत और करण जब रायपुर पहुंचे, तो वहां के अधिकारियों ने साफ कर दिया कि बैंक की ओर से ऐसा कोई पत्र जारी ही नहीं किया गया था। जब पीड़ितों ने रंजीत से जवाब मांगा, तो वह टालमटोल करने लगा। ठगी का एहसास होते ही उन्होंने चक्रधर नगर पुलिस से शिकायत कर दी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी फरार : पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने रंजीत चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।