रायगढ़

रायगढ़: निर्विरोध निर्वाचित उपसरपंच प्रेमशीला पंडा (गढ़उमरिया) का मायके गौरमुड़ी में भव्य स्वागत और सम्मान, गूंज उठी जय-जयकार!…

रायगढ़। जिले के गढ़उमरिया ग्राम पंचायत चुनाव के नतीजों ने एक नई मिसाल कायम की है। प्रेमशीला पण्डा ने वार्ड क्रमांक 16 से निर्विरोध पंच बनने के बाद निर्विरोध उपसरपंच का गौरव भी हासिल किया, जिससे गांव के लोकतांत्रिक इतिहास में उनका नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद जब वे अपने मायके गौरमुड़ी पहुंचीं, तो गांववासियों और परिजनों ने ढोल-नगाड़ों की गूंज और फूल-मालाओं के साथ उनका अभूतपूर्व स्वागत किया।

गौरमुड़ी में स्वागत करने वालों में भाई सुरेश पंडा व उनकी पत्नी सीमा, सुभाष पंडा व उनकी पत्नी ज्योति, शेषदेव पंडा व उनकी पत्नी अनीता, बड़ी बहन तपश्विनी पंडा एवं बहन विदेशीनी शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। पूरे गांव ने मिठाइयों और आतिशबाजियों के साथ उनकी इस उपलब्धि का जश्न मनाया।

गांव की पहली निर्विरोध उपसरपंच : इतिहास रचने वाली नेत्री : गढ़उमरिया की राजनीति में पहली बार किसी महिला ने बिना किसी विरोध के उपसरपंच पद हासिल किया है। इस चुनाव में फूलबाई यादव सरपंच चुनी गईं, जबकि प्रेमशीला पण्डा की निर्विरोध जीत ने साबित कर दिया कि गांव की जनता ने उन्हें सर्वसम्मति से अपना नेतृत्व सौंपा है। गांव के वरिष्ठ नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने इसे लोकतंत्र की सच्ची जीत बताया। उनका कहना है कि बिना किसी विवाद के जनता ने योग्य नेतृत्व का चयन किया है। प्रेमशीला पण्डा के नेतृत्व में गढ़ उमरिया पंचायत को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है। उनकी यह जीत केवल एक पद की विजय नहीं, बल्कि महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का प्रतीक भी है।

“गांव के विकास की शपथ”: प्रेमशीला पण्डा का संकल्प : अपने भव्य स्वागत से अभिभूत प्रेमशीला पण्डा ने कहा, “यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि पूरे गांव की है। मैं पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ गांव के विकास में जुटी रहूंगी और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरूंगी।” गौरमुड़ी और गढ़ उमरिया में प्रेमशीला पण्डा की यह ऐतिहासिक उपलब्धि महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। यह साबित हो चुका है कि नारी शक्ति अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहने वाली।

Ambika Sao

( सह-संपादक : छत्तीसगढ़)
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