रायगढ़

रायगढ़ चेट्रीचंड्र महोत्सव : सिंधी समाज की भव्य शोभा यात्रा में भक्तिमय उल्लास…

रायगढ़। हर वर्ष की तरह इस बार भी रायगढ़ के सिंधी समाज ने चेट्रीचंड्र महोत्सव को अपार भक्ति, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस पावन अवसर पर एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे नगर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया। इस भव्य शोभा यात्रा में साईं झूलेलाल जी की प्रतिमा को सुंदर झांकी के साथ सजाया गया, और साथ ही साईं कंवर राम जी की भिंझकिया (झांकियां) भी आकर्षण का केंद्र बनीं। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और डी.जे. की भक्तिमय धुनों पर झूमते नजर आए, जिससे पूरे नगर में भक्ति और आनंद की अनूठी लहर दौड़ गई।

शोभा यात्रा का शुभारंभ और मार्ग : भव्य शोभा यात्रा की शुरुआत चक्रधर नगर स्थित सिंधी कॉलोनी पक्की खोली में स्थित साईं झूलेलाल मंदिर से की गई। साईं झूलेलाल जी की प्रतिमा के साथ सैकड़ों श्रद्धालु उनकी महिमा का गुणगान करते हुए यात्रा में शामिल हुए। शोभा यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख स्थलों से होते हुए निकली, जिनमें चक्रधर नगर चौक, हेमू कालानी चौक (सिग्नल चौक), कच्ची खोली आदि शामिल थे। इस दौरान नगरवासियों ने बड़े ही श्रद्धाभाव से यात्रा का स्वागत किया। जगह-जगह पर पुष्पवृष्टि कर भक्तों का अभिनंदन किया गया। इस शोभा यात्रा में अनेक भक्तों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर साईं झूलेलाल जी की स्तुति करते हुए वातावरण को और भी पवित्र बना दिया। शोभा यात्रा का अंतिम पड़ाव केलो नदी था, जहां श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना की।

साईं झूलेलाल जी की आरती एवं विसर्जन : शोभा यात्रा के समापन स्थल, केलो नदी तट पर, श्रद्धालुओं द्वारा साईं झूलेलाल जी की महाआरती का आयोजन किया गया। भक्तों ने सामूहिक रूप से साईं झूलेलाल जी की स्तुति करते हुए उनकी कृपा प्राप्त करने की प्रार्थना की। महाआरती के उपरांत साईं झूलेलाल जी की प्रतिमा को श्रद्धा और सम्मान के साथ जल में विसर्जित किया गया। यह दृश्य अत्यंत भक्तिपूर्ण और भावनाओं से ओतप्रोत था, जहां हजारों श्रद्धालु हाथ जोड़कर साईं झूलेलाल जी के आशीर्वाद की प्रार्थना कर रहे थे।

समाज की एकता का प्रतीक बना आयोजन : इस भव्य आयोजन ने यह दर्शाया कि धार्मिक उत्सव न केवल भक्ति का माध्यम हैं, बल्कि समाज की एकता और सौहार्द को भी मजबूत करने का कार्य करते हैं। इस शोभा यात्रा में समाज के हर वर्ग के लोगों ने भाग लिया। बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और बच्चे सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया। सिंधी समाज के प्रमुख आयोजकों ने बताया कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में एकजुटता और परंपराओं के संरक्षण का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य न केवल साईं झूलेलाल जी की उपासना करना था, बल्कि समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे का प्रसार करना भी था।

सिंधी समाज की श्रद्धा और उत्साह : सिंधी समाज रायगढ़ के इस भव्य आयोजन ने यह प्रमाणित किया कि श्रद्धा और विश्वास की शक्ति किसी भी समाज को एकजुट कर सकती है। यह शोभा यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं थी, बल्कि यह समाज की संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का भी एक प्रेरणादायक प्रयास थी। इस आयोजन में शहर के प्रतिष्ठित नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों ने भी भाग लिया। सिंधी समाज के युवा और बुजुर्गों ने मिलकर इस भव्य शोभा यात्रा को सफल बनाने में योगदान दिया। हर चेहरे पर भक्ति और उल्लास की झलक थी, जिससे पूरे नगर में साईं झूलेलाल जी की कृपा का अद्भुत संदेश प्रसारित हुआ। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का उत्सव था, बल्कि यह सिंधी समाज की अखंडता, परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक भी बना।

Ambika Sao

( सह-संपादक : छत्तीसगढ़)
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