पिता की हत्या कर फरार बेटा 24 घंटे में गिरफ्तार, घरघोड़ा पुलिस ने भेजा जेल…

रायगढ़। जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में पिता की हत्या कर फरार हुए आरोपी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के निर्देशन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मकान मालिक की सूचना पर खुला हत्याकांड का राज : यह सनसनीखेज घटना ग्राम औरामुडा सारथीपारा की है। 24 मार्च की सुबह, किराए के मकान में रहने वाले ओम प्रकाश श्याम (43), मूल निवासी नकटीपारा बाल्को, जिला कोरबा, का शव मकान के आंगन में खून से लथपथ हालत में मिला। मकान मालिक मिलन सारथी (37) ने पुलिस को बताया कि ओम प्रकाश ठेकेदारी में मजदूरी करता था और चार दिन पहले उसका बेटा अजय श्याम अपनी पत्नी के साथ वहीं रहने आया था।
हत्या से पहले पिता-पुत्र में हुई थी कहासुनी : 23 मार्च की रात करीब 8 बजे, पिता-पुत्र के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद रात 9 बजे ओम प्रकाश अपने बेटे अजय और बहू से खाना मांगते हुए जोर-जोर से चिल्ला रहा था। अगली सुबह मकान मालिक ने देखा कि ओम प्रकाश का शव खून से सना हुआ आंगन में पड़ा है, जबकि अजय श्याम और उसकी पत्नी फरार हो चुके थे।
पुलिस ने महज 24 घंटे में पकड़ा आरोपी : मकान मालिक की सूचना पर पुलिस ने मर्ग क्र. 31/2025 धारा 194 बी.एन.एस.एस. एवं अपराध क्र. 67/2025 धारा 103(1) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के नेतृत्व में थाना घरघोड़ा और धरमजयगढ़ स्टाफ की टीम गठित कर फरार आरोपी की तलाश शुरू की गई।
कोरबा जिले में ट्रैक हुआ आरोपी, कबूला अपराध : साइबर सेल की मदद से आरोपी अजय श्याम (27) को कोरबा जिले के प्रेमनगर, कुसमुंडा इलाके में ट्रैक किया गया। पुलिस टीम ने उसे घेराबंदी कर हिरासत में लिया। पूछताछ में अजय ने कबूल किया कि झगड़े के दौरान उसने गैंती से पिता की कनपटी पर वार कर उनकी हत्या कर दी।
हत्या में प्रयुक्त हथियार व खून से सने कपड़े जब्त : पुलिस ने आरोपी के बयान के आधार पर हत्या में प्रयुक्त गैंती का टुकड़ा और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए।
पुलिस टीम की अहम भूमिका : एसपी दिव्यांग पटेल, एएसपी आकाश मरकाम और एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के निर्देशन में एएसआई राम सजीवन वर्मा, विल्फ्रेड मसीह, प्रधान आरक्षक पारसमनी बेहरा, आरक्षक हरीश पटेल, उद्यो पटेल और साइबर सेल टीम ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।