तमनार : सरकारी बोर से पानी लेने पर बवाल, गाली-गलौज के बाद मारपीट, FIR दर्ज…

रायगढ़ (तमनार) पानी जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर रायगढ़ जिले के तमनार तहसील अंतर्गत ग्राम जरेकेला (पाडेय डीपा) में विवाद इतना बढ़ गया कि गाली-गलौज के बाद मारपीट और FIR तक की नौबत आ गई। यह घटना रविवार रात करीब 8-9 बजे की है, जब पानी को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के रहने वाले अशोक प्रजापति का निजी बोर खराब हो गया था, जिसके चलते उन्होंने शासकीय बोर से पानी लेने के लिए पाइप जोड़ा। इसी दौरान उनके पड़ोसी रघुवीर प्रजापति ने उन्हें पानी लेने से रोक दिया। जब अशोक ने पानी की जरूरत बताते हुए उनसे पानी मांगा, तो रघुवीर ने न सिर्फ मना कर दिया, बल्कि गंदी-गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी दे डाली।
झगड़े में उतरे आरोपी के बेटे, जमकर हुई मारपीट : देखते ही देखते मामला इतना बिगड़ गया कि रघुवीर प्रजापति के बेटे राकेश, जगदीश और ओमप्रकाश भी मौके पर आ गए और अशोक प्रजापति से झगड़ा करने लगे। आरोप है कि इन सभी ने मिलकर अशोक के साथ मारपीट की और हाथ-मुक्कों से हमला किया।
परिवार पर भी हमला, चार लोग घायल : मारपीट के दौरान अशोक के परिवार के सदस्य—उनका बेटा मुकेश, कमल, बहू रानी और पत्नी शांति बीच-बचाव करने आए, लेकिन आरोपियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। जगदीश और उसके बेटों ने डंडे से हमला किया, जिससे मुकेश के मुंह और भुजा में, कमल के सिर में, रानी के हाथ में और शांति के सिर में चोटें आईं।
गांव के सरपंच को दी गई सूचना, मामला थाने पहुंचा : घटना की जानकारी मिलते ही गांव के सरपंच और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने की कोशिश की। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी : अशोक प्रजापति की शिकायत पर पुलिस ने रघुवीर प्रजापति और उसके बेटों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव में जल संकट से बढ़ रहे विवाद, प्रशासन पर उठे सवाल : यह घटना गांवों में बढ़ते जल संकट और प्रशासन की विफलता को उजागर करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उचित आपूर्ति नहीं होने के कारण छोटे-छोटे विवाद भी हिंसक झगड़ों में बदल जाते हैं। यह कोई पहली घटना नहीं है जब पानी को लेकर मारपीट हुई हो, लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक पानी जैसी मूलभूत जरूरत को लेकर लोगों को संघर्ष करना पड़ेगा?