डकैती कांड : रायपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 15 आरोपी गिरफ्तार…

रायपुर। राघवेंद्र सिंह : जिले के खरोरा थाना क्षेत्र में डकैती की सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले 15 आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है। इस डकैती का मास्टरमाइंड गांव का ही देवराज डहरिया निकला, जिसने लालच और अंधविश्वास के चलते वारदात की योजना बनाई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया बल्कि लूटे गए गहने, नकदी और हथियार भी बरामद कर लिए।
कैसे बनी डकैती की साजिश? : गांव के प्रतिद्वंद्वी द्वारा प्रार्थी राधेलाल भारद्वाज के घर में 40 करोड़ रुपये और 16 किलो सोना गड़ा होने की अफवाह फैलाई गई। अंधविश्वास और लालच में आकर मास्टरमाइंड देवराज डहरिया ने अपने साथियों के साथ डकैती की योजना बनाई। आरोपियों ने झरण और चापन जैसी तंत्र-मंत्र विधियों के सहारे गुप्त धन प्राप्त करने की साजिश रची।
घटना का पूरा विवरण : 27-28 मार्च की रात को अज्ञात नकाबपोश डकैतों ने तलवार, चाकू और पिस्टलनुमा हथियारों के साथ प्रार्थी के घर धावा बोल दिया। प्रार्थी और उसकी पत्नी को धमकाकर, हथियार तानकर आलमारी और पेटी की चाबी ले ली और सोने-चांदी के गहनों और नकदी को लूट लिया। आरोपियों ने प्रार्थी के दोनों पैरों को रस्सी से बांधकर घर की तलाशी ली और फिर मौके से फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई : पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया और 10 विशेष टीमों का गठन किया। अपराध शाखा, फोरेंसिक टीम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से अपराधियों की पहचान की गई। पुलिस की सख्त पूछताछ के बाद मुख्य आरोपी जितेंद्र पाठक ने डकैती की साजिश कबूल की।
गिरफ्तार आरोपी और बरामद सामान : पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से सोने-चांदी के गहने, नकदी, हथियार, चार चारपहिया वाहन (स्विफ्ट, टाटा हेक्सा, वैगनआर, मोटरसाइकिल) और 15 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये है।
फरार आरोपी और पुलिस की अपील : अभी भी तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। रायपुर रेंज के आईजी ने जनता से अपील की है कि वे झरण, चापन और गड़े हुए धन जैसी अंधविश्वास भरी अफवाहों में न फंसें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस टीम को मिला इनाम : पूरे मामले का पर्दाफाश करने और त्वरित कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर ने पुलिस टीम को 10,000 रुपये का नगद इनाम देकर सम्मानित किया।
रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधियों के लिए कानून से बच पाना असंभव है।