“ऑपरेशन मुस्कान” के तहत जशपुर पुलिस की ऐतिहासिक सफलता: 138 गुमशुदा बच्चों की सकुशल वापसी, एक वर्ष में 342 गुमशुदा व्यक्तियों को भी खोजकर परिजनों से मिलाया…

जशपुर। गुमशुदा बच्चों की तलाश और पुनर्वास को लेकर जशपुर पुलिस ने “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पुलिस की कड़ी मेहनत और सतर्कता के परिणामस्वरूप पिछले एक वर्ष में 138 गुमशुदा बच्चों को ढूंढकर सुरक्षित रूप से उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। इसके अलावा, 342 अन्य गुमशुदा व्यक्तियों की भी सफलतापूर्वक दस्तयाबी की गई, जिससे कई परिवारों में खुशियों की वापसी हुई है।
गुमशुदा बच्चों को खोजने में जशपुर पुलिस की अद्वितीय सफलता : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जशपुर पुलिस ने तकनीकी संसाधनों, मुखबिर तंत्र और परिजनों के सहयोग से गुमशुदा बच्चों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इस अभियान के तहत राज्य के भीतर ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी विशेष पुलिस टीमें भेजी गईं, जिससे कई बच्चों को सकुशल वापस लाने में सफलता मिली।
✔️ 19 बच्चे देश के विभिन्न राज्यों से खोजे गए।
✔️ 15 बच्चे छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों से बरामद किए गए।
✔️ 104 बच्चे जिले के भीतर विभिन्न थाना क्षेत्रों से सुरक्षित मिले।
गुमशुदगी के पीछे प्रमुख कारण और पुलिस की जागरूकता पहल : पुलिस जांच में यह पाया गया कि बच्चों की गुमशुदगी के पीछे मुख्य रूप से ये कारण रहे:
✔️ 56 बच्चे पारिवारिक या भावनात्मक कारणों से घर से चले गए।
✔️ 49 बच्चे अस्थायी नाराजगी के कारण घर छोड़कर चले गए।
✔️ 33 बच्चे रोजगार या अन्य प्रलोभनों में आकर गुम हो गए।
बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए जशपुर पुलिस अब व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रही है, जिससे बच्चों को बहकावे में आने से रोका जा सके और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन मिल सके।
गुमशुदा व्यक्तियों की दस्तयाबी में भी पुलिस का सराहनीय योगदान : पुलिस ने 138 बच्चों के अलावा 342 अन्य गुमशुदा व्यक्तियों को भी खोजकर उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाया। यह अभियान न केवल पुलिस की कार्यकुशलता को दर्शाता है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास को भी मजबूत करता है।
समाज और पुलिस के सामूहिक प्रयास से संभव हुआ यह अभियान : गुमशुदा बच्चों और व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाने की इस सफलता में पुलिस, परिजन और समाज की सहभागिता रही। यह अभियान न केवल पुलिस प्रशासन की तत्परता और जिम्मेदारी को दर्शाता है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना को भी सुदृढ़ करता है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा : “गुमशुदा बच्चों और व्यक्तियों की तलाश हमारी प्राथमिकता रही है। पुलिस ने इस दिशा में निरंतर प्रयास किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप इतने बड़े स्तर पर लोगों को वापस लाने में सफलता मिली है। विशेष पुलिस टीमें राज्य के भीतर और बाहर भेजी गईं, जिससे यह सकारात्मक परिणाम सामने आए। आने वाले समय में इस तरह के अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, साथ ही बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे, जिससे गुमशुदगी के मामलों को रोका जा सके।”