रायपुर

रायपुर में ‘नौकरी जिहाद’ : हिंदू युवतियों को निशाना बनाकर फंसाने की साजिश?…

रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसे ‘नौकरी जिहाद’ का नाम दिया जा रहा है। इस साजिश में हिंदू युवतियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्हें गलत कार्यों में धकेला जा रहा है। सिविल लाइंस थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज की गई है, और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

साजिश का तरीका: फर्जी पहचान और सोशल मीडिया का दुरुपयोग : शिकायतकर्ता निश्चय वाजपेयी ने 10 फरवरी को सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि कुछ अपराधी तत्व सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से हिंदू नामों का उपयोग करके युवतियों से संपर्क करते हैं। हालांकि, उनके वास्तविक नाम उर्दू में होते हैं, जिससे उनकी असली पहचान छिपी रहती है। ये अपराधी युवतियों को नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन देकर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं।

सबूत और पुलिस की कार्रवाई : शिकायत के साथ निश्चय वाजपेयी ने संदिग्ध संदेशों के स्क्रीनशॉट भी प्रस्तुत किए हैं, जो इस साजिश की पुष्टि करते हैं। पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने बताया कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया : इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए तेलंगाना के भाजपा विधायक टी. राजा सिंह ने इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “पहले हमारी बहन-बेटियों को लव जिहाद के माध्यम से फंसाया जा रहा था, लेकिन अब ‘नौकरी जिहाद’ का नया रूप सामने आया है। इसमें हमारी बहनों को नौकरी के बहाने फंसाया जा रहा है, जो अत्यंत गंभीर और निंदनीय है।” उन्होंने प्रशासन से इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की।

सतर्कता और जागरूकता की आवश्यकता : इस घटना ने समाज में चिंता की लहर पैदा कर दी है। प्रशासन ने युवतियों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे अनजान व्यक्तियों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। सोशल मीडिया पर अज्ञात स्रोतों से मिलने वाले नौकरी के प्रस्तावों की सत्यता की जांच करना आवश्यक है, ताकि इस तरह की साजिशों से बचा जा सके।

‘नौकरी जिहाद’ की यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह आवश्यक है कि हम सभी सतर्क रहें और ऐसी साजिशों से बचने के लिए जागरूकता फैलाएं। पुलिस और प्रशासन को भी चाहिए कि वे त्वरित कार्रवाई करें और दोषियों को कानून के कठघरे में लाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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