छत्तीसगढ़बालोदराज्य

दिनदहाड़े तहसीलदार की लूट, ऑटो सवार बदमाशों ने चाकू दिखाकर छीने 6500 रुपए व दस्तावेज

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। जिले के बालोद तहसील कार्यालय में पदस्थ तहसीलदार आशुतोष शर्मा के साथ शनिवार शाम दिनदहाड़े लूटपाट की बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। तहसीलदार को ऑटो में सवार चार बदमाशों ने चाकू दिखाकर नगदी और जरूरी दस्तावेज लूट लिए। घटना जयस्तंभ चौक इलाके की है, जहां पुलिस ने मामला दर्ज कर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

आपको बता दें कि बदमाशों ने तहसीलदार को “स्टेट बैंक का रास्ता पूछने का बहाना बनाया, फिर ऑटो में बैठा लिया।” तहसीलदार आशुतोष शर्मा ने बताया कि वे शनिवार शाम करीब 5:45 बजे अपने आवास मैत्री सदन से टहलते हुए जयस्तंभ चौक की ओर जा रहे थे। तभी एक ऑटो में सवार चार युवकों ने उनसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का रास्ता पूछा। शर्मा ने उन्हें रास्ता बताया, लेकिन युवकों ने जिद पकड़ ली कि “सर, आप भी साथ चलिए, हम भी वहीं जा रहे हैं।” सहयोग की भावना से तहसीलदार ऑटो में बैठ गए।

ऑटो चलने के कुछ ही मिनट बाद ही बदमाशों ने चाकू तानकर तहसीलदार को धमकी दी। ऑटो के पीछे बैठे एक युवक ने अचानक चाकू निकालकर तहसीलदार को डराया और पर्स छीन लिया। तहसीलदार के पर्स में 6500 रुपए नगद, एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पैन कार्ड और तहसीलदार का शासकीय परिचय पत्र था। जिसके बाद बदमाशों ने तहसीलदार को ऑटो से धक्का देकर फरार हो गए। बदमाशों ने स्टेट बैंक के पास ऑटो रोककर तहसीलदार को धक्का दे दिया और भाग गए।

तहसीलदार ने बताया कि उन्होंने मौके पर ही बालोद थाना प्रभारी को फोन किया, लेकिन वे शहर से बाहर थे। इसके बाद उन्होंने स्थानीय व्यापारी अजय परचानी की मदद से ऑटो का पीछा किया, लेकिन बदमाश गलियों में गायब हो गए। उन्होंने ऑटो का नंबर सीजी 07 बीटी 5872 है। दुर्ग आरटीओ से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह ऑटो महिंदा कंपनी का अल्फा तिपहिया डीजल वाहन है।

बालोद पुलिस को शिकायत के आधार पर ऑटो के नंबर से जुड़े रिकॉर्ड चेक किए जा रहे हैं। बालोद तहसीलदार का कहना है कि बदमाश आपस में एक दूसरे को पहले से जानते हुए लग रहे थे, क्योंकि वे घटना से पहले योजनाबद्ध तरीके से बातचीत कर रहे थे। वहीं बालोद पुलिस ने कुछ युवकों को पकड़कर पूछताछ शुरू की है, लेकिन अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

वहीं आम जनता के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया है उनका कहना है कि सरकारी अधिकारी भी सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या होगा। यह घटना शहरी इलाकों में बढ़ती अपराधिक घटनाओं की ओर इशारा करती है। सवाल उठ रहा है कि जब एक सरकारी अधिकारी दिनदहाड़े असुरक्षित है, तो आम नागरिकों का क्या हाल होगा? पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बालोद एसडीओ (पुलिस) देवांश सिंह राठौर के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई है। वहीं बालोद थाना प्रभारी रविशंकर पांडेय का कहना है कि बालोद पुलिस बदमाशों की खोजबीन में लग गई है जल्द ही बालोद तहसीलदार से लूटपाट के आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Feroz Ahmed Khan

संभाग प्रभारी : दुर्ग
Back to top button